बलरामपुर: मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, 15 जुलाई से नए परिसर में शिफ्ट होगा प्रशासनिक और कुलपति कार्यालय
बलरामपुर: देवीपाटन मंडल के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय' के नवनिर्मित परिसर से संचालन शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने निर्माणाधीन भव्य परिसर का सघन निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि शेष बचे सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कुलपति के साथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार (कुलसचिव) परमानंद सिंह भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कुलपति ने नए सत्र को देखते हुए कार्यों की रफ्तार को और तेज करने पर जोर दिया।
15 जुलाई को तैयार हो जाएंगे प्रशासनिक और एकेडमिक भवन
निरीक्षण के दौरान मौजूद उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) के महाप्रबंधक कन्हैया लाल झा तथा प्रोजेक्ट मैनेजर वी.पी. सिंह ने कुलपति को कार्यों की समय सारणी से अवगत कराया:
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प्रशासनिक भवन: महाप्रबंधक कन्हैया लाल झा ने आश्वस्त किया कि 15 जुलाई 2026 तक प्रशासनिक भवन पूरी तरह से सज-धज कर तैयार हो जाएगा, जिसके तुरंत बाद कुलपति कार्यालय (VC Office) का संचालन इसी नवनिर्मित भवन से आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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एकेडमिक भवन: प्रोजेक्ट मैनेजर वी.पी. सिंह ने बताया कि कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए एकेडमिक भवन भी 15 जुलाई तक पूर्णतः तैयार कर लिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई नए परिसर में बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
कुलपति ने इन घोषणाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रशासनिक व एकेडमिक भवनों के अवशेष कार्यों को अविलंब पूरा करने के निर्देश दिए।
हरित और पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly) बनेगा पूरा कैंपस
विश्वविद्यालय को एक आदर्श और आधुनिक लुक देने के लिए कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने इसके पर्यावरण अनुकूल विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने परिसर के खुले और विस्तृत स्थानों का बारीकी से अवलोकन किया।
कुलपति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे कैंपस को हरा-भरा बनाने के लिए विभिन्न प्रजातियों के छायादार, औषधीय और सजावटी पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण (वृक्षारोपण) कराया जाए। विशेष रूप से एकेडमिक भवन के ठीक सामने एक सुंदर ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना तैयार करने को कहा गया है।
भूमि देने वाले स्थानीय किसानों का होगा विशेष नागरिक सम्मान
कुलपति आवास और अन्य विंग्स का अवलोकन करने के बाद कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय बयान दिया। उन्होंने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपनी मूल्यवान पैतृक भूमि उपलब्ध कराने वाले क्षेत्र के स्थानीय किसानों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहायह विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा, और इसकी स्थापना में हमारे स्थानीय किसानों का योगदान अमूल्य है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनके इस त्याग और सहयोग का सदैव सर्वोच्च सम्मान करेगा।"
उन्होंने घोषणा की कि जिन किसानों ने विश्वविद्यालय के पक्ष में अपनी भूमि का बैनामा (रजिस्ट्री) किया है, उनके सम्मान में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बहुत जल्द एक विशेष 'सम्मान एवं संवाद बैठक' का आयोजन किया जाएगा, जहाँ उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
