लखनऊ में गूंजा बलरामपुर का नाम: ब्लडमैन आलोक अग्रवाल को एक ही दिन मिले पाँच बड़े सम्मान, रक्तदान सेवा को मिला अंतरराष्ट्रीय गौरव
रक्तदान को मिशन, मानवता को धर्म और सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने वाले जनपद के सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं "ब्लडमैन" के नाम से विख्यात आलोक अग्रवाल ने एक बार फिर बलरामपुर का नाम प्रदेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। लखनऊ में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में उन्हें एक ही दिन पाँच प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया।
बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के अटल सभागार में आयोजित "संवेदना-2 नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड समारोह" में रक्तदान जागरूकता, विशाल रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन तथा जरूरतमंदों की जान बचाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान तथा उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के राज्यमंत्री वैश्य नटवर गोयल ने प्रदान किया।

समारोह में नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFAA) की ओर से उन्हें कुल चार सम्मान प्राप्त हुए। इनमें वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस (इंग्लैंड) के दो सम्मान—एक उत्कृष्ट रक्तदान शिविर आयोजन तथा दूसरा संवेदना-2 अभियान (उत्तर प्रदेश) के को-ऑर्डिनेटर के रूप में योगदान के लिए—साथ ही दो सोशल इम्पैक्ट अवार्ड शामिल रहे।
इसी दिन लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 321B1 के डिस्ट्रिक्ट अवार्ड समारोह "कमलात्मिका" में भी वर्षभर रक्तदान सेवा एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति के कारण यह सम्मान क्लब के अन्य प्रतिनिधियों ने प्राप्त किया। इस प्रकार एक ही दिन में आलोक अग्रवाल को पाँच प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया।
उल्लेखनीय है कि आलोक अग्रवाल अब तक 40 बार स्वयं रक्तदान कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में आयोजित 50 से अधिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से हजारों यूनिट रक्त एकत्रित किया जा चुका है, जिससे असंख्य मरीजों को समय पर जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध हुआ है।
उन्होंने वर्षों से गाँवों से लेकर महानगरों तक रक्तदान जागरूकता अभियान चलाकर रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि आज वे केवल बलरामपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में रक्तदान सेवा का प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद आलोक अग्रवाल ने अपनी उपलब्धि सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों, टेक्नीशियनों, काउंसलरों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वयंसेवकों को समर्पित करते हुए कहा,
"यह सम्मान उन हजारों अनाम रक्तवीरों का सम्मान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को जीवनदान देने के लिए निःस्वार्थ भाव से आगे आते हैं। रक्तदान केवल रक्त की कुछ बूंदें देना नहीं, बल्कि किसी की बुझती उम्मीदों में जीवन की लौ जलाना है।
उनकी खुशी उस समय और बढ़ गई जब समारोह के दौरान ही उन्हें सूचना मिली कि 30 जून को बलरामपुर आदर्श नगर पालिका परिषद के 155वें स्थापना दिवस समारोह में भी उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष धीरू सिंह ने स्वयं फोन कर उन्हें बधाई दी तथा समारोह में व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया।
आलोक अग्रवाल की यह उपलब्धि केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि वर्षों की निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और मानवता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का सार्वजनिक सम्मान है। जनपद के सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं।
