Barabanki News: बाराबंकी की बाल वैज्ञानिक पूजा पाल को भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने किया सम्मानित, 'डस्ट-फ्री थ्रेशर' मॉडल के लिए मिला मान

Barabanki News: Barabanki's child scientist Pooja Pal was honored by Bharat Ratna Sachin Tendulkar for her 'dust-free thresher' model.
 
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Pooja Pal Barabanki Achievement: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की होनहार बाल वैज्ञानिक पूजा पाल ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुकीं पूजा पाल को अब क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने सम्मानित किया है।

मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान बैंक के ग्लोबल ब्रांड एम्बेसडर सचिन तेंदुलकर ने पूजा को उनके नवाचारी मॉडल के लिए इस गौरवपूर्ण सम्मान से नवाजा।

'धूल रहित थ्रेशर' (Dust-Free Thresher) का अनोखा आविष्कार

पूजा पाल ने कृषि क्षेत्र में किसानों और खेत मजदूरों की बड़ी समस्या को दूर करने के लिए एक विशेष थ्रेशर मॉडल तैयार किया है:

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: फसल की मड़ाई के दौरान उड़ने वाली धूल को यह थ्रेशर नियंत्रित करता है, जिससे मजदूरों को फेफड़े और सांस संबंधी बीमारियों से राहत मिलती है।

  • सराहनीय पहल: उनके इस मॉडल को कृषि विशेषज्ञों और उद्योग जगत द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था व किसानों के हित में एक बड़ा क्रांतिकारी नवाचार माना जा रहा है।

🏏 सचिन तेंदुलकर ने थपथपाई पीठ

समारोह के दौरान भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने पूजा पाल की कुशाग्र बुद्धि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समाज हितैषी सोच की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

  • पूजा पाल का संकल्प: सम्मान प्राप्त करने के बाद उत्साहित पूजा पाल ने कहा, "देश से मिले इस असीम प्यार और सम्मान से मेरा हौसला बढ़ा है। मैं भविष्य में देश के लिए और बड़े वैज्ञानिक अनुसंधान कर भारत का नाम पूरी दुनिया में ऊँचा करूँगी।"

👏 बाराबंकी जिले में खुशी की लहर

पूजा पाल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बाराबंकी के प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने बधाई दी है। लोगों का कहना है कि पूजा की यह सफलता देश के लाखों युवा और बाल वैज्ञानिकों के लिए एक मिसाल बनेगी। बाराबंकी की बेटी पूजा पाल का यह नवाचार साबित करता है कि अगर सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो ग्रामीण प्रतिभाएं देश की बड़ी से बड़ी समस्याओं का स्थानीय और तकनीकी समाधान निकाल सकती हैं।

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