Barabanki News: 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की तैयारियां तेज, डॉ. विनय जैन बोले- "स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ढूंढें छात्र"
🔬 वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करना मुख्य उद्देश्य
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. विनय जैन ने कहाविद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि को विकसित करने के जिस लक्ष्य को लेकर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस छात्र-छात्राओं को अवसर प्रदान कर रही है, उसकी सार्थकता तभी होगी जब प्रत्येक विद्यार्थी अपने परिवेश से जुड़ी समस्याओं के वैज्ञानिक निदान के लिए उन्मुख हो।"
🎯 'सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार' है मुख्य विषय
जिला समन्वयक अजय कुमार मिश्र ने जानकारी दी कि इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय 'सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार' (Science and Innovation for Sustainable Development) निर्धारित किया गया है।
-
आयु वर्ग और शोध पत्र: इस प्रतियोगिता में 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थी अपने आसपास की किसी स्थानीय समस्या को चुनकर उसके समाधान पर एक लघु शोध पत्र (Research Paper) तैयार करेंगे।
-
पंजीकरण प्रक्रिया: छात्र 2-2 के समूह में आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
-
जनपदीय आयोजन: आगामी 23 अक्टूबर 2026 को जिला स्तरीय आयोजन में इन शोध पत्रों का मूल्यांकन किया जाएगा, जहां से चयनित प्रोजेक्ट्स आगे के स्तर के लिए चुने जाएंगे।
🏫 प्रशासनिक सहयोग और कार्यशालाओं पर जोर
-
त्वरित पंजीकरण: एकेडमिक कोऑर्डिनेटर डॉ. सुजीत चतुर्वेदी ने परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों से समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने की अपील की।
-
मार्गदर्शन: जिला पर्यवेक्षक चंद्रशेखर कांडपाल ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) का विशेष मार्गदर्शन लिया जाएगा। वरिष्ठ पदाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने विकास खंडवार लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया।
-
शिक्षक कार्यशाला: एकेडमिक कोऑर्डिनेटर एवं जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक आशीष पाठक ने उत्कृष्ट प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए मार्गदर्शक शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
👥 बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
बैठक के दौरान जिला आयोजन समिति और एकेडमिक समिति का गठन भी किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग से दिनेश कुमार वर्मा और अरुण कुमार, सह जिला समन्वयक अंकुर माथुर, राजीव श्रीवास्तव, डीडी आर्या सहित कई अन्य शिक्षाविद और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
