कुलियों की आजीविका पर 'बैटरी वाहनों' का प्रहार: राष्ट्रीय कुली मोर्चा का चारबाग स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन, आर-पार की जंग का ऐलान
नियमों की अनदेखी: बीमार यात्रियों की जगह ढोया जा रहा सामान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय कुली मोर्चा के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने रेलवे पर अपने ही आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा रेल मंत्रालय का स्पष्ट आदेश था कि प्लेटफार्म पर बैटरी चालित वाहन केवल बीमार, बुजुर्ग और असहाय यात्रियों की सहायता के लिए चलाए जाएंगे। लेकिन अब रेलवे ने निजी ठेकेदारों को इन वाहनों से सामान ढोने की भी अनुमति दे दी है। यहाँ तक कि इन वाहनों पर बकायदा 'रेट लिस्ट' लगा दी गई है, जो सीधे तौर पर कुलियों के पेट पर लात मारने जैसा है।"
आजीविका पर गहराता संकट
कुलियों का कहना है कि मशीनीकरण और निजी ठेकेदारों के हस्तक्षेप से उनकी दैनिक कमाई लगभग खत्म हो गई है। जहाँ पहले यात्री कुलियों की सेवाएं लेते थे, अब वे बैटरी वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि उन्हें आधिकारिक रूप से सामान ढोने की अनुमति मिल गई है। इससे हजारों कुली परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा की प्रमुख मांगें:
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समायोजन: वर्ष 2008 की तर्ज पर सभी कुलियों को रेलवे की सरकारी नौकरियों में समायोजित किया जाए।
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प्रतिबंध: बैटरी चालित वाहनों का उपयोग केवल यात्रियों की सहायता के लिए हो, उनसे लगेज ढोने और रेट लिस्ट लगाने पर तुरंत रोक लगे।
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सुरक्षा की गारंटी: कुलियों को निश्चित आजीविका और सामाजिक सुरक्षा (पेंशन, बीमा आदि) की गारंटी दी जाए।
दिल्ली में जुटेगा 'देशभर का मोर्चा', पीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
चारबाग से शुरू हुआ यह आंदोलन अब दिल्ली की ओर कूच करेगा। राम सुरेश यादव ने बताया कि 24 अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाई गई है। इसमें देशभर से राष्ट्रीय कुली मोर्चा के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक के बाद एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा।
