BBD University: बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी ने मनाई जस्टिस डी. पी. गुप्ता की 100वीं जयंती, राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का हुआ सफल समापन
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान बाबू बनारसी दास (BBD) यूनिवर्सिटी में शनिवार को एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह समारोह राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश स्वर्गीय न्यायमूर्ति डी. पी. गुप्ता की 100वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर यूनिवर्सिटी के डॉ. अखिलेश दास गुप्ता ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ।
यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति श्रीमती अलका दास गुप्ता, स्वर्गीय जस्टिस डी. पी. गुप्ता की सुपुत्री और प्रो-चांसलर श्री विराज सागर दास के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में न्यायपालिका, कानून और शिक्षा जगत की दिग्गज हस्तियों सहित भारी संख्या में छात्रों ने शिरकत की।
संवैधानिक मूल्यों और ईमानदारी के प्रतीक थे जस्टिस डी. पी. गुप्ता
न्यायमूर्ति डी. पी. गुप्ता ने राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपनी अनुकरणीय सेवाएँ दी थीं। इसके अलावा, उन्होंने राजस्थान के कार्यवाहक लोकायुक्त और कार्यवाहक राज्यपाल जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन किया था।
समारोह के दौरान बीबीडी यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति श्रीमती अलका दास गुप्ता ने उन्हें याद करते हुए कहा जस्टिस डी. पी. गुप्ता का यह जन्मशताब्दी वर्ष सिर्फ एक महान न्यायाधीश को याद करने का क्षण नहीं है, बल्कि उन शाश्वत मूल्यों का सम्मान है, जिन पर उन्होंने अपना पूरा जीवन जिया। उनका दृढ़ विश्वास था कि न्यायपालिका की असली ताकत निष्पक्षता, ईमानदारी और संविधान के प्रति अटूट निष्ठा में निहित है। हमें गर्व है कि हम इस आयोजन के जरिए उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।"
दिग्गज न्यायविदों की उपस्थिति और स्मारिका का विमोचन
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के कई शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
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मुख्य अतिथि: भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारत के 23वें विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस दिनेश माहेश्वरी।
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विशिष्ट अतिथि: मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं नई दिल्ली में सफेमा व पीएमएलए के अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस एम. एन. भंडारी।
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अन्य सम्मानित अतिथि: मद्रास हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शमीम अहमद और इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति डी. पी. गुप्ता के जनसेवा के लंबे सफर, भारतीय न्याय व्यवस्था पर उनके प्रभाव और कानून के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को समर्पित एक विशेष स्मारिका (Souvenir) का भी विमोचन किया गया।
जस्टिस डी. पी. गुप्ता मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026: देश भर की 54 टीमों में मुकाबला
इस जन्मशताब्दी समारोह के साथ ही 'पहली जस्टिस डी. पी. गुप्ता मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026' का ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश की प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs), केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों और शीर्ष लॉ कॉलेजों की 54 टीमों ने हिस्सा लिया।
छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए लगभग 1 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि और 96 हजार रुपये मूल्य की एससीसी (SCC) ऑनलाइन सदस्यता वाले पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रो-चांसलर श्री विराज सागर दास का संदेश: बीबीडी यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर श्री विराज सागर दास ने प्रतियोगिता की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "कानूनी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें स्पष्ट सोच और जिम्मेदारी के साथ कानून को लागू करना सिखाना है। यह मूट कोर्ट प्रतियोगिता कक्षा की पढ़ाई को अदालत की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने का एक बेहतरीन माध्यम बनी है।"
इस गरिमापूर्ण आयोजन और मूट कोर्ट प्रतियोगिता के सफल समापन ने एक बार फिर साबित किया है कि बीबीडी यूनिवर्सिटी देश के महान कानूनी विशेषज्ञों की विरासत को सहेजने के साथ-साथ भविष्य के प्रतिभावान और मूल्य-आधारित कानून विशेषज्ञ तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
