लगातार दो सीरीज हारने पर BCCI सख्त; श्रेयस अय्यर और कोचिंग स्टाफ पर गिरेगी गाज, परफॉर्मेंस का होगा कड़ा रिव्यू
भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के लगातार खराब और लचर प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अब कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की कप्तानी में टीम इंडिया को लगातार दूसरी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है।
पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में मिली हार और अब इंग्लैंड के हाथों चौथे टी20 मुकाबले में 9 विकेट की शर्मनाक शिकस्त के बाद, बीसीसीआई अब एक्शन मोड में आ गया है। इस हार के साथ ही भारत ने 5 मैचों की सीरीज को 1-3 से गंवा दिया है। बोर्ड अब खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ के प्रदर्शन की समीक्षा (Performance Review) करने की पूरी तैयारी में है।
खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के परफॉर्मेंस का होगा कड़ा आकलन
भारतीय टी20 टीम दुनिया की इकलौती ऐसी टीम है जिसने लगातार दो बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। ऐसे में वर्ल्ड चैंपियन टीम से इस तरह के बेहद साधारण और एकतरफा हार की उम्मीद किसी को नहीं थी। लगातार मिल रही शिकस्त ने न सिर्फ फैंस को निराश किया है, बल्कि आईसीसी टी20 रैंकिंग में भारत की नंबर-1 की पोजीशन को भी भारी खतरे में डाल दिया है। यदि टीम इंडिया सीरीज का आखिरी मैच भी गंवा देती है, तो वह शीर्ष स्थान से भी हाथ धो बैठेगी।
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए बयान में बीसीसीआई के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने साफ किया है कि बोर्ड इस खराब दौर को हल्के में नहीं ले रहा है। सूत्र के मुताबिक, बोर्ड बहुत जल्द एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाकर सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के प्रदर्शन का गहन आकलन करने वाला है। हालांकि, मौजूदा हेड कोच का कॉन्ट्रैक्ट साल 2027 तक के लिए वैध है, लेकिन टीम के इस हालिया खराब प्रदर्शन और रणनीतिक विफलताओं के कारण उनके पद और पोजीशन पर भी गंभीर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।
सूर्या को कप्तानी से हटाने और टीम से ड्रॉप करने का फैसला पड़ रहा भारी
क्रिकेट समीक्षकों और बोर्ड के अंदरूनी गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं कि क्या चयनकर्ताओं का पुराना फैसला गलत साबित हो रहा है। याद दिला दें कि साल 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कप्तानी में ही चमचमाती ट्रॉफी जीती थी और उनके नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन लाजवाब था।
हालांकि, वर्ल्ड कप के बाद सूर्या बतौर बल्लेबाज एक खराब फॉर्म (Lean Patch) से गुजर रहे थे। इसी को आधार बनाकर और भविष्य की टीम तैयार करने के तर्क के साथ बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव को न सिर्फ कप्तानी से हटाया, बल्कि उन्हें स्क्वाड से भी ड्रॉप कर दिया। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान नियुक्त किया गया।
अब आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि यह फैसला पूरी तरह उलटा पड़ता दिख रहा है। श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के बाद भारत ने जो 6 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, उनमें से 5 मैचों में टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच बेनतीजा (रद्द) रहा है। इस शर्मनाक सफर की शुरुआत ने चयन समिति की दूरदर्शिता और कप्तानी के बदलाव के टाइमिंग पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब देखना होगा कि इस रिव्यू मीटिंग के बाद बोर्ड क्या बड़े और कड़े सुधारात्मक कदम उठाता है।
