चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में बी.एड. नवप्रवेशित विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ, 1 सितंबर 2026। मोरा, लखनऊ स्थित चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में बी.एड. पाठ्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और शैक्षणिक मार्गदर्शन के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बी.एड. पाठ्यक्रम की संरचना, शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशिक्षण प्रक्रिया और शिक्षक के रूप में उनकी भावी जिम्मेदारियों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम संस्थान की निदेशक श्रीमती रितु सिंह के सहयोग एवं मार्गदर्शन तथा प्राचार्य डॉ. अनुराधा त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित किया गया। प्राचार्य ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने, नियमित अध्ययन करने, सकारात्मक दृष्टिकोण रखने और निरंतर सीखते रहने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
बी.एड. पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण गतिविधियों की दी जानकारी
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान बी.एड. के विभिन्न सेमेस्टरों में संचालित पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की गई। उन्हें सैद्धांतिक अध्ययन के साथ प्रायोगिक कार्य, विद्यालयी अनुभव, शिक्षण-अभ्यास, आंतरिक मूल्यांकन, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी एवं डिजिटल ज्ञान, समावेशी शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि आधुनिक शिक्षक के लिए विषय ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता, संवाद कौशल और बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं को समझना भी जरूरी है।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम में बी.एड. विभागाध्यक्ष सहित विभाग के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशिक्षण से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनके सफल शैक्षणिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और समर्पण के साथ बी.एड. प्रशिक्षण पूरा करने तथा भविष्य में कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
