इम्प्लांटोलॉजी के नए युग की शुरुआत, लखनऊ में IFAD की तीसरी राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

Dawn of a new era in implantology: IFAD's third national workshop concludes in Lucknow.
 
लखनऊ में 300 से अधिक कारोबारियों ने साझा किए बिजनेस चुनौतियों और अवसरों पर अनुभव  ‘एडवांटेज – बिजनेस: द इनसाइड एज’ में GST, टैक्स, रियल एस्टेट कंप्लायंस, फायर सेफ्टी और बिजनेस ग्रोथ पर हुई चर्चा  लखनऊ, 23 अगस्त 2026। लखनऊ के कारोबारियों, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स के लिए बिजनेस से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दों पर संवाद का एक मंच देखने को मिला, जब इन्फिनिटी कनेक्ट्स की डॉली रस्तोगी, सुरभि श्रीवास्तव, फाउंडर – इन्फिनिटी कनेक्ट्स  की ओर से हिल्टन गार्डन इन में ‘एडवांटेज – B2B बिजनेस नेटवर्किंग कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव की थीम ‘बिजनेस: द इनसाइड एज’ रही।  कार्यक्रम में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से 300 से अधिक बिजनेस ओनर्स, उद्यमी, प्रोफेशनल्स और इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सामान्य बिजनेस नेटवर्किंग से अलग कार्यक्रम में कारोबार से जुड़े अनुपालन, टैक्स, सुरक्षा मानकों, बिजनेस स्ट्रक्चर और भविष्य की रणनीतियों जैसे व्यावहारिक विषयों पर चर्चा की गई।  कॉन्क्लेव में आयोजित तीन पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने कारोबारियों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों पर विचार साझा किए। चर्चा में GST एवं इनकम टैक्स, रियल एस्टेट कंप्लायंस, बिजनेस स्ट्रक्चर, फायर एंड सेफ्टी नॉर्म्स, इनोवेशन, नए बिजनेस अवसर और बिजनेस ग्रोथ जैसे विषय प्रमुख रहे।  पैनल चर्चाओं में रीना भार्गव, आलोक सेठ, शबीना सिंह, मयूर टंडन, अशोक कुमार, SK जग्गी, मुकेश गुलाटी, आस्था गुप्ता, राघव बक्शी, राघव प्रकाश और डॉली रस्तोगी ने अपने अनुभव साझा किए। सत्रों का संचालन सुरंगमा शर्मा और कर्नल विजय सिंह चंदेल ने किया।  कार्यक्रम के कीनोट सत्र में करम इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर विषाल निगम ने कारोबार के बदलते माहौल और उद्यमियों के सामने मौजूद अवसरों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन वनिता यादव, Founder, Kovida ने किया। वहीं आशीष धवन, Enagic Water भी कार्यक्रम में शामिल हुए।  युवाओं को कारोबार की दुनिया से जोड़ने पर रहा जोर  कॉन्क्लेव में युवा विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिली। Neha Ansy School के सहयोग से लखनऊ के छात्रों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, जहां उन्हें स्थानीय बिजनेस लीडर्स और प्रोफेशनल्स से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।  आयोजकों के अनुसार, विद्यार्थियों की भागीदारी का उद्देश्य उन्हें केवल किताबी जानकारी तक सीमित रखने के बजाय उद्यमिता, बिजनेस नेटवर्किंग और इंडस्ट्री के वास्तविक कामकाज से परिचित कराना था। छात्रों ने कारोबारियों से बातचीत कर बिजनेस शुरू करने, नेटवर्क बनाने और अलग-अलग इंडस्ट्री में उपलब्ध संभावनाओं को समझने का प्रयास किया।  कार्यक्रम के आयोजन में सुरंगमा शर्मा, अमित अरोड़ा, नेहा भट्ट और अंकुर कक्कड़ की भूमिका रही। आयोजकों ने डॉली रस्तोगी, सुरभि श्रीवास्तव, फाउंडर – इन्फिनिटी कनेक्ट्स और यशस्वी प्रसाद के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में वैभव अग्रवाल, Outreach Partner एवं Chairman, IIA तथा आनंदी अग्रवाल, IIA Women Chair का भी सहयोग और सहभागिता रहा।  कार्यक्रम को Ceremony Realty और Tile Crete का स्पॉन्सरशिप तथा Orion Hospitality का सपोर्ट मिला।  इन्फिनिटी कनेक्ट्स के मुताबिक, ऐसे आयोजनों का उद्देश्य स्थानीय कारोबारियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, संभावित व्यावसायिक सहयोग तलाशने और बिजनेस से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है। लखनऊ में तेजी से विकसित हो रहे कारोबारी माहौल के बीच इस तरह के मंचों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के व्यवसायियों के बीच संपर्क और विचारों का आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
लखनऊ। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंडियन फेडरेशन ऑफ एडवांस्ड डेंटिस्ट्री (IFAD) की तीसरी राष्ट्रीय कार्यशाला का होटल द पिकैडली, लखनऊ में सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में देशभर से आए दंत चिकित्सकों को इम्प्लांटोलॉजी के साथ-साथ आधुनिक बोन ग्राफ्टिंग, टिश्यू ग्राफ्टिंग और एडवांस्ड स्यूचर तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

आधुनिक तकनीकों से आसान होंगे जटिल इम्प्लांट

कार्यशाला के मुख्य वक्ता देश के प्रसिद्ध दंत विशेषज्ञ डॉ. कर्नल सत्यम सिंह रहे। उन्होंने आधुनिक दंत चिकित्सा में हो रहे बदलावों और नई तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जबड़े की हड्डी कमजोर होने अथवा मसूड़ों के क्षतिग्रस्त होने जैसी जटिल परिस्थितियों में बोन एवं टिश्यू ग्राफ्टिंग तकनीकें डेंटल इम्प्लांट की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करती हैं।

डॉ. सत्यम सिंह ने प्रतिभागी चिकित्सकों को इन उन्नत प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराया तथा हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया।

विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. अंकिता तिवारी ने किया। कार्यशाला के आयोजन और संचालन में IFAD की मुख्य आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आयोजन समिति में अध्यक्ष डॉ. सुमित तिवारी, सचिव डॉ. शुभम तिवारी, साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. जसप्रीत सिंह खुराना, लैब कोऑर्डिनेटर डॉ. अमित तिवारी, उपाध्यक्ष डॉ. अंशू सिंह, संयुक्त सचिव डॉ. आशीष यादव, जनसंपर्क प्रमुख डॉ. शीराज़ आज़मी तथा कोषाध्यक्ष डॉ. शानू यादव शामिल रहे।

इसके अलावा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेश मिश्रा, डॉ. सोनिया शर्मा और डॉ. महिमा जैन समेत संस्था के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यशाला के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

हर दो-तीन महीने में होंगी एडवांस्ड कार्यशालाएं

आयोजन समिति के अनुसार IFAD की ओर से नियमित अंतराल पर ऐसी राष्ट्रीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक दो से तीन महीने में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लखनऊ और उत्तर प्रदेश के दंत चिकित्सकों को वैश्विक स्तर पर विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों एवं उपचार पद्धतियों से परिचित कराना है।

संस्था का लक्ष्य दंत चिकित्सकों के कौशल को लगातार उन्नत करना और मरीजों को आधुनिक एवं बेहतर दंत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योगदान देना है।

दिसंबर में होगी चौथी राष्ट्रीय कार्यशाला

IFAD की ओर से इसी श्रृंखला में चौथी राष्ट्रीय कार्यशाला दिसंबर 2026 में आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला विशेष रूप से प्रोस्थोडोंटिक्स (Prosthodontics) विषय पर केंद्रित होगी।

Tags