भजन सम्राट अनूप जलोटा का 'मिशन 500': भक्ति संगीत की दुनिया में रच रहे हैं नया इतिहास

Bhajan Samrat Anup Jalota's 'Mission 500': Scripting New History in the World of Devotional Music
 
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मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय भक्ति संगीत के पर्याय बन चुके भजन सम्राट अनूप जलोटा ने अपनी कला और अनुभव को नई पीढ़ी के साथ साझा करने के लिए एक क्रांतिकारी पहल शुरू की है। उनके महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन 500’ के तहत हाल ही में युवा गायिका करिश्मा बछाव के मधुर स्वर में सजे भजन “बोलो राम बोलो श्याम” का भव्य विमोचन मुंबई में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक गाने का लॉन्च नहीं था, बल्कि भारतीय शास्त्रीय परंपरा और आधुनिक प्रतिभा के अद्भुत संगम का गवाह बना।

क्या है 'मिशन 500' अभियान?

अनूप जलोटा का यह 'मिशन 500' दुनिया भर से 500 प्रतिभाशाली भजन गायकों को एक वैश्विक मंच पर लाने का एक अनूठा सपना है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भक्ति संगीत की समृद्ध विरासत को लुप्त होने से बचाना और नई प्रतिभाओं को तराशना है।

  • अब तक की उपलब्धि: इस मिशन से अब तक 100 कलाकार जुड़ चुके हैं।

  • वैश्विक पहचान: इस पहल के जरिए भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

"सपना सच होने जैसा": करिश्मा बछाव

भजन “बोलो राम बोलो श्याम” के लॉन्च पर युवा गायिका करिश्मा बछाव काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, “अनूप जी जैसे महान व्यक्तित्व के साथ गाना किसी सपने के सच होने जैसा है। मैं बहुत भाग्यशाली महसूस कर रही हूँ कि मेरा भजन उनके मार्गदर्शन में लॉन्च हुआ है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की सराहना

अनूप जलोटा के इस मिशन की गूँज दिल्ली तक पहुँच चुकी है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की है। अपने 50 वर्षों के संगीत सफर को इस मिशन में झोंकते हुए अनूप जलोटा ने कहा:यह भजन बहुत ही मनमोहक बना है और इसे गाने में मुझे असीम आनंद की अनुभूति हुई। 'मिशन 500' के जरिए हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भक्ति की यह धारा आने वाली पीढ़ियों तक पूरी पवित्रता के साथ पहुँचती रहे।"

भक्ति संगीत का भविष्य

'मिशन 500' न केवल नई प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का मौका दे रहा है, बल्कि यह तनावपूर्ण आधुनिक जीवन में संगीत के माध्यम से शांति और सकारात्मकता फैलाने का एक सशक्त जरिया भी बन रहा है।

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