Bharat Buildcon 2026: 'भारत बिल्डकॉन' के दूसरे दिन वैश्विक खरीदारों की धूम, ₹1.24 ट्रिलियन डॉलर का बनने जा रहा है भारतीय कंस्ट्रक्शन बाजार

Bharat Buildcon 2026: Global buyers flock to Day 2 of 'Bharat Buildcon'; Indian construction market set to reach $1.24 trillion.
 
Bharat Buildcon 2026: 'भारत बिल्डकॉन' के दूसरे दिन वैश्विक खरीदारों की धूम, ₹1.24 ट्रिलियन डॉलर का बनने जा रहा है भारतीय कंस्ट्रक्शन बाजार

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली (19 जून 2026):

देश के बिल्डिंग मैटेरियल्स और निर्माण (Construction) उद्योग की सबसे प्रतिष्ठित प्रदर्शनी 'भारत बिल्डकॉन 2026 – वन नेशन, वन एक्सपो' के दूसरे दिन आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में अभूतपूर्व व्यापारिक हलचल देखी गई। इस वैश्विक मंच पर दुनिया भर के खरीदारों, प्रख्यात आर्किटेक्ट्स, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बड़े कॉन्ट्रैक्टर्स, नीति निर्माताओं और प्रमुख उद्योग संगठनों की मजबूत भागीदारी दर्ज की गई।

प्रदर्शनी के दूसरे दिन का मुख्य फोकस देश-विदेश के खरीदार-विक्रेताओं के बीच सीधी बैठकें (B2B Meetings), उन्नत तकनीकी उत्पादों का लाइव प्रदर्शन और वैश्विक व्यापारिक विस्तार पर रहा।

भारतीय विनिर्माण क्षेत्र पर दुनिया का भरोसा: निदेशक मंडल

एक्सपो की सफलता और इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर भारत बिल्डकॉन के निदेशकों ने महत्वपूर्ण विचार साझा किए:

  • वैश्विक विश्वास: भारत बिल्डकॉन के निदेशक श्री विशाल आचार्य ने बताया, "शुरुआती दो दिनों में मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर वैश्विक बाजार के अटूट भरोसे को दिखाता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधिमंडलों की यह सक्रिय मौजूदगी भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात (Export) बढ़ाने का एक सीधा और सुनहरा अवसर है।"

  • बहुआयामी आर्थिक लाभ: निदेशक श्री जितेंद्र कथीरिया ने इसके व्यापक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे मेगा आयोजनों से सिर्फ कंस्ट्रक्शन ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य (Hospitality), परिवहन और सेवा क्षेत्रों को भी बड़ा आर्थिक बूस्ट मिलता है। यहां हो रहे हजारों व्यावसायिक संवाद भविष्य में बड़े निवेश और समझौतों का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

  • औद्योगिक शक्ति का प्रदर्शन: निदेशक श्री विजय अघारा ने कहा कि इस मंच का मुख्य लक्ष्य दुनिया के सामने भारत की औद्योगिक शक्ति को पेश करना है, जिससे तकनीकी आदान-प्रदान और दीर्घकालिक व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा मिल सके।

भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ: GDP में 9% का योगदान

भारत का निर्माण और बिल्डिंग मैटेरियल्स क्षेत्र देश की जीडीपी को गति देने वाला सबसे प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। इससे जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े और उद्योग अनुमान इस प्रकार हैं:

  • रोजगार और भागीदारी: यह क्षेत्र वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 9 प्रतिशत का योगदान देता है और देश के 5.1 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका प्रदान कर रहा है।

  • ट्रिलियन डॉलर मार्केट की ओर बढ़ते कदम: उद्योग विश्लेषकों के अनुमानों के मुताबिक, वर्ष 2025 में जो भारतीय निर्माण बाजार लगभग 685 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का था, वह वर्ष 2034 तक तेजी से बढ़कर 1.24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (1.24 लाख करोड़ डॉलर) के विशाल आंकड़े को पार कर सकता है।

  • इन सेक्टर्स में आई तेजी: सिरेमिक्स, टाइल्स, सैनिटरीवेयर, बाथ फिटिंग्स, पेंट्स, कंस्ट्रक्शन केमिकल्स, हार्डवेयर, प्लाईवुड और लैमिनेट्स जैसे क्षेत्रों में रिकॉर्ड मांग दर्ज की जा रही है।

केंद्रीय सचिव अशोक कुमार मीणा ने किया संबोधित; नीतिगत पहलों पर चर्चा

एक्सपो के दूसरे दिन मुख्य आकर्षण के रूप में जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक कुमार मीणा उपस्थित रहे। उन्होंने सतत विकास (Sustainable Development), अत्याधुनिक स्वच्छता समाधान और ग्रामीण व शहरी पेयजल अवसंरचना के भविष्य को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान 'रियल एस्टेट मार्केट आउटलुक' तथा 'इंटरनेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड... इंडस्ट्री' (ICTI) पर केंद्रित दो उच्च स्तरीय सम्मेलनों का भी सफल आयोजन हुआ।

सरकारी योजनाओं से मिल रही है मैन्युफैक्चरर्स को ताकत

कैपेक्सिल (CAPEXIL) के चेयरमैन श्री निलेश जेतपरिया ने भारतीय मैन्युफैक्चरर्स की सराहना करते हुए कहा, "आज हमारा बिल्डिंग मैटेरियल्स उद्योग वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता और नवाचार (Innovation) के दम पर चीन और अन्य देशों को कड़ी टक्कर दे रहा है।" उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की दूरदर्शी योजनाएं जैसे:

  • पीएम गति शक्ति और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP)

  • स्मार्ट सिटीज मिशन और हाउसिंग फॉर ऑल (सबके लिए आवास)

  • मेक इन इंडिया (Make in India)

इन सभी सरकारी पहलों ने घरेलू निर्माताओं के लिए असीमित वैश्विक संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में यह एक्सपो मील का पत्थर साबित हो रहा है।

21 जून तक जारी रहेगा आयोजन

90 से अधिक देशों और भारत के 100 से अधिक शहरों के प्रदर्शकों की भागीदारी वाला यह महाकुंभ आगामी 21 जून 2026 तक यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आम और खास व्यापारिक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। यदि आप भी कंस्ट्रक्शन तकनीकों, अगली पीढ़ी के टिकाऊ निर्माण सामग्री और सस्टेनेबल आर्किटेक्चर से जुड़ना चाहते हैं, तो यह एक्सपो आपके लिए सबसे उत्तम मंच है।

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