वाराणसी से शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की, 10 लाख कर्मियों के लिए SBI से ऐतिहासिक MoU
त्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी (काशी) के दीनदयाल हस्तकला संकुल से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के विभिन्न लोक-कल्याणकारी कार्यक्रमों का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के 10 लाख से अधिक शिक्षकों और संविदा कर्मियों को एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' की शुरुआत के साथ-साथ करोड़ों छात्र-छात्राओं को सीधे डीबीटी (DBT) का लाभ ट्रांसफर किया गया।
शिक्षक राष्ट्र का भविष्य गढ़ता है: मंत्री संदीप सिंह
इस गरिमामय अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने काशी की पावन धरा से उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत में एक नए अध्याय की शुरुआत की। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहाज्ञान ही वह दिव्य प्रकाश है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का मार्ग आलोकित करता है। हमारी सरकार का यह अटूट विश्वास है कि शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तकें नहीं पढ़ाता, बल्कि वह बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति जागृत कर देश के कल (भविष्य) का निर्माण करता है।"
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक परिवारों द्वारा कैशलेस इलाज की मांग की जा रही थी। अब 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के माध्यम से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिवार के 12 लाख से अधिक लोगों (शिक्षक/कर्मचारी व आश्रित) को मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा का सीधा सहारा मिलेगा, जिससे वे चिंताओं से मुक्त होकर शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
SBI के साथ एमओयू: कैशलेस इलाज से लेकर बेटियों की शादी तक सहायता
शिक्षकों और संविदा कर्मियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ जो एमओयू (MoU) निष्पादित हुआ है, वह बेहद खास है। इसके तहत केवल जीवन बीमा ही नहीं, बल्कि कई बड़े सुरक्षा लाभ शामिल किए गए हैं
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व्यापक बीमा कवर: इसमें ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, पर्सनल डिसेबिलिटी कवर और एयर एक्सीडेंट कवर की सुविधा मिलेगी।
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बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए ऐड-ऑन: किसी भी अनहोनी की स्थिति में कर्मियों के बच्चों की शिक्षा में सहायता और उनकी पुत्रियों के विवाह के लिए विशेष 'ऐड-ऑन कवर' का प्रावधान किया गया है।
1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में सीधे पहुंचे 1200 रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और पारदर्शिता के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 1.10 करोड़ स्कूली छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रति विद्यार्थी 1,200 रुपये की धनराशि सीधे ट्रांसफर की।
इस राशि के जरिए अभिभावक बिना किसी बिचौलिए के सीधे अपने बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी की व्यवस्था कर सकेंगे।
ड्रॉपआउट रेट 15% से घटकर 3% से भी कम हुआ
शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने बताया साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में स्कूलों को बीच में छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट रेट) का ग्राफ 15% पर था, जो सरकार के निरंतर प्रयासों से साल 2026 में 3% से भी नीचे आ गया है। बेटियों की निर्बाध शिक्षा के लिए सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) को कक्षा 12वीं तक अपग्रेड कर दिया गया है। जिन ब्लॉकों में ये विद्यालय नहीं हैं, वहां नए बालिका स्कूल खोले जा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर 12 सरकारी स्कूल सम्मानित
भारत सरकार की ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 12 परिषदीय विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर ‘स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार’ से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि साल 2017 से पहले यह कल्पना से बाहर था कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक व परिषदीय विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार जीतेंगे, लेकिन आज यूपी का डंका पूरे देश में बज रहा है।
