शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपए, मंत्री संदीप सिंह बोले- “उत्तम प्रदेश” निर्माण में अहम भूमिका
गोरखपुर/लखनऊ, 06 मई 2026
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
इस ऐतिहासिक निर्णय के सम्मान में गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में “शिक्षामित्र सम्मान समारोह” आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 10 चयनित शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर योजना के क्रियान्वयन की शुरुआत की। साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित गतिविधियों पर केंद्रित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार ने 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय 3,500 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए किया था और अब इसे 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार ने 230.11 करोड़ रुपए की धनराशि जनपदों को जारी कर दी है ताकि समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के त्याग, समर्पण और सेवा के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में ज्ञान की अलख जगाने में शिक्षामित्रों की अहम भूमिका है।
उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने 2017 से अब तक बेसिक शिक्षा में व्यापक सुधार किए हैं। “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत विद्यालयों में 19 मानकों पर पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड और टाइल्स जैसी मूलभूत सुविधाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं।
सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया है, जिससे सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का शैक्षिक अंतर कम हुआ है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा शिक्षकों को तकनीक से जोड़ने के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं।
बालिका शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है। वहीं विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, बैग और स्टेशनरी के लिए 1200 रुपए की डीबीटी सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही है।
“स्कूल चलो अभियान” के तहत 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चले विशेष नामांकन अभियान में 20 लाख से अधिक नए विद्यार्थियों का नामांकन किया गया। अपने संबोधन में मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण में योगदान देते रहें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को “उत्तम प्रदेश” बनाना है और इस लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षामित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
