UP को बड़ी सौगात: बाराबंकी-बहराइच के बीच बनेगा 7000 करोड़ का हाईटेक नेशनल हाईवे, कैबिनेट की मंजूरी
प्रमुख विशेषताएं और लाभ
यह नया हाईवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का नया कॉरिडोर साबित होगा।
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सफर होगा आसान: लखनऊ से रूपईडीहा बॉर्डर की ओर जाने वाले यात्रियों को अब भीड़भाड़ और तीखे मोड़ वाले पुराने रास्तों से मुक्ति मिलेगी। इस हाईवे से यात्रा के समय में करीब 1 घंटे की बचत होगी।
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बाईपास की सुविधा: कुल 101 किमी में से लगभग 48.28 किलोमीटर का हिस्सा बाईपास के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे बाराबंकी और बहराइच जैसे प्रमुख शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
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नेपाल व्यापार को मिलेगी गति: यह हाईवे भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक संबंधों के लिए 'लाइफलाइन' बनेगा। रूपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच आसान होने से सीमा पार माल की आवाजाही और पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।
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मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी: यह कॉरिडोर लखनऊ और श्रावस्ती हवाई अड्डों के साथ-साथ 10 प्रमुख रेलवे स्टेशनों (बाराबंकी, घाघराघाट, बहराइच आदि) को आपस में जोड़ेगा।
विकास और रोजगार के नए अवसर
प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत इस प्रोजेक्ट को आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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रोजगार: परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग 36.54 लाख प्रत्यक्ष और 43.04 लाख अप्रत्यक्ष कार्य दिवसों का रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
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औद्योगिक विकास: यह हाईवे 2 मेगा फूड पार्क और एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) को भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ होगा।
परियोजना एक नजर में
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प्रोजेक्ट का नाम: बाराबंकी-बहराइच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे।
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कुल लागत: ₹6969.04 करोड़।
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कुल लंबाई: 101.515 किलोमीटर।
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मोड: हाइब्रिड वार्षिकी मोड (PPP)।
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प्रभावित जिले: बाराबंकी, रामनगर, जरवल, कैसरगंज, फखरपुर और बहराइच।
