मुंह के कैंसर के खिलाफ मुंबई में बड़ी पहल: '2-मिनट' का आत्म-परीक्षण बचा सकता है आपकी जान
महसूस करें, देखें और कार्रवाई करें: डॉ. सेवांती लिमये की अपील
प्रसिद्ध ऑन्कोलॉजिस्ट और एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में मेडिकल एंड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. सेवांती लिमये ने इस अभियान का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने मुंबईवासियों को एक सरल मंत्र दिया है: “महसूस करें, देखें और कार्रवाई करें।”
डॉ. लिमये के अनुसार, कैंसर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका इसकी शुरुआती पहचान है। उन्होंने कहा, "अगर आप अपने मुंह या गर्दन में कोई भी असामान्य बदलाव देखते हैं, तो उसे नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।"
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अभियान के तहत लोगों को उन संकेतों के प्रति सचेत किया जा रहा है जो भविष्य में कैंसर का रूप ले सकते हैं:
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मुंह के छाले: ऐसे छाले जो लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहे हों।
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निगलने में कठिनाई: खाना खाते समय या पानी पीते समय गले में तकलीफ होना।
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आवाज में बदलाव: बिना किसी स्पष्ट कारण के आवाज का भारी होना या बदलना।
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गर्दन में सूजन: गर्दन के हिस्से में किसी भी तरह की गांठ या असामान्य सूजन का दिखना।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
यह अभियान इस बात पर जोर देता है कि केवल दो मिनट का आत्म-परीक्षण किसी भी व्यक्ति को बड़ी मुसीबत से बचा सकता है। नियमित रूप से आईने में अपने मुंह की जांच करना और शुरुआती लक्षणों पर विशेषज्ञ की सलाह लेना इस बीमारी को पहले चरण में ही रोकने का सबसे सशक्त माध्यम है।
यह मुहिम न केवल मुंबई बल्कि पूरे देश में ओरल कैंसर के खिलाफ एक मजबूत कवच तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
