पूर्वांचल को बड़ी रेल सौगात: अश्विनी वैष्णव ने दोहरीघाट-मऊ-औड़िहार नई दैनिक ट्रेन सेवा को दिखाई हरी झंडी
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को बड़ी रेल सौगात देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोहरीघाट-मऊ-औड़िहार नई दैनिक यात्री ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। इस नई रेल सेवा से मऊ और गाजीपुर समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री Arvind Kumar Sharma, सांसद Rajeev Rai सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।
पूर्वांचल को मिलेगा बेहतर रेल संपर्क
नई औड़िहार-दोहरीघाट यात्री ट्रेन लंबे समय से क्षेत्र की जनता की मांग रही है। यह ट्रेन सादात, जखनियां, दुल्लापुर, मऊ, इंदारा, कोपागंज, घोसी, अमिला और मुरादपुर स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे मंत्रालय के अनुसार जल्द ही इस सेवा का विस्तार वाराणसी तक किया जाएगा, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्री ने कहा कि यह सेवा दैनिक यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन में आठ कोच लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
दिल्ली के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन का ऐलान
कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने पूर्वांचल के लोगों को एक और बड़ी सौगात देने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की जाएगी, जो छपरा, बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, गाजियाबाद और आनंद विहार को जोड़ेगी।
इस नई ट्रेन से पूर्वांचल और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा।
100 साल पुरानी लाइन का हुआ कायाकल्प
रेल मंत्री ने बताया कि इंदारा-दोहरीघाट रेल लाइन का निर्माण वर्ष 1904 में मीटर गेज के रूप में हुआ था। लंबे समय तक इसका ब्रॉड गेज में परिवर्तन नहीं हो सका, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस परियोजना को पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देशभर में लंबित रेलवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। दिसंबर 2023 में इस परिवर्तित रेल लाइन पर ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की गई थी।
उत्तर प्रदेश में रेलवे को मिला रिकॉर्ड निवेश
रेल मंत्री के अनुसार वर्ष 2014 से पहले उत्तर प्रदेश को रेलवे के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये हो चुका है। वर्तमान समय में राज्य में लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नए रेल कॉरिडोर, दोहरीकरण और तीसरी लाइन जैसी कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
वाराणसी में बनेगा नया पुल
रेल मंत्री ने बताया कि वाराणसी के पुराने मालवीय पुल के समानांतर एक नया आधुनिक पुल बनाया जा रहा है। इस पुल के निचले हिस्से में चार रेलवे लाइनें और ऊपरी हिस्से में छह लेन का हाईवे होगा। यह पुल नमो घाट के पास गंगा नदी पर तैयार किया जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना पर तेजी से काम
उत्तर प्रदेश में 157 अमृत भारत स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। इनमें से 28 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। पूर्वांचल क्षेत्र में मऊ, गाजीपुर सिटी और दिलदारनगर स्टेशन का आधुनिकीकरण भी जारी है।
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर भी तेजी
रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश में बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी तेजी से काम कर रही है। प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना को जोड़ते हुए पूर्वोत्तर राज्यों तक संपर्क मजबूत करेगा। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में दिल्ली से वाराणसी की यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि दिल्ली से लखनऊ का सफर करीब दो घंटे में तय होगा। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे के इन विकास कार्यों से पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
