उत्तर प्रदेश में सोलर अपनाने को लेकर घर-मालिकों की सबसे बड़ी चिंताएँ और उनके समाधान
– देवेंद्र गुप्ता, सह-संस्थापक एवं सीईओ, इकोज़ेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
कानपुर। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे घर-मालिक हैं जो सोलर ऊर्जा में रुचि तो रखते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले कई व्यावहारिक सवालों के जवाब चाहते हैं। इकोज़ेन सॉल्यूशंस के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न शहरों में हजारों परिवारों से हुई बातचीत और ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद (CEEW) के राष्ट्रीय सर्वेक्षण से यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश लोगों की आशंकाएँ लगभग एक जैसी हैं।
1. क्या तेज़ आँधी में सोलर पैनल सुरक्षित रहेंगे?
कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान तेज़ हवाएँ और आँधियाँ सामान्य हैं। ऐसे में लोगों की सबसे बड़ी चिंता पैनलों की मजबूती को लेकर होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सोलर सिस्टम सही इंजीनियरिंग और मजबूत माउंटिंग स्ट्रक्चर के साथ लगाया जाए, तो वह तेज़ हवाओं का भी सामना कर सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को इंस्टॉलर से माउंटिंग स्ट्रक्चर की विंड-लोड क्षमता की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।
2. सिस्टम वादा किए अनुसार बिजली बना रहा है या नहीं?
सोलर उत्पादन कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे छत की दिशा, धूप की उपलब्धता, पैनलों की गुणवत्ता और इंस्टॉलेशन की सटीकता। यदि सिस्टम में मॉनिटरिंग सुविधा नहीं होगी, तो वास्तविक उत्पादन का पता लगाना कठिन हो सकता है। आधुनिक सोलर सिस्टम मोबाइल ऐप के माध्यम से बिजली उत्पादन, बचत और रखरखाव संबंधी जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे उपभोक्ता अपने सिस्टम की नियमित निगरानी कर सकते हैं।
3. क्या सरकारी सब्सिडी वास्तव में मिलती है?
सब्सिडी को लेकर भी लोगों के मन में संदेह रहता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश में हजारों लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है। कानपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रिया और इंस्टॉलेशन समय पर पूरा होना सबसे महत्वपूर्ण है।
4. इंस्टॉलेशन के बाद कंपनी ने सेवा नहीं दी तो?
बिक्री के बाद सेवा (After Sales Service) भी घर-मालिकों की प्रमुख चिंता है। इसलिए किसी भी सोलर कंपनी का चयन करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके पास स्थानीय सर्विस टीम उपलब्ध हो, शिकायत निवारण की स्पष्ट समय-सीमा हो और यह प्रतिबद्धता लिखित रूप में दी गई हो।
सकारात्मक अनुभव बढ़ा रहे भरोसा
CEEW के सर्वेक्षण के अनुसार, रूफटॉप सोलर लगवाने वाले 90 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने अनुभव को सकारात्मक बताया, जबकि अधिकांश ने अपने इंस्टॉलर की सिफारिश भी की। इससे स्पष्ट होता है कि सही जानकारी, विश्वसनीय इंस्टॉलेशन और बेहतर सेवा मिलने पर सोलर ऊर्जा को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर अपनाने से पहले उपभोक्ताओं को कीमत के साथ-साथ गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, मॉनिटरिंग सुविधा, वारंटी और बिक्री के बाद मिलने वाली सेवाओं की भी अच्छी तरह जानकारी लेनी चाहिए। सही निर्णय न केवल बिजली बिल में बचत सुनिश्चित करता है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
