बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: 5 सीटों पर 6 उम्मीदवार, उपेंद्र कुशवाहा और अमरेंद्र धारी के बीच 'कांटे की टक्कर'
NDA का गणित: 4 की राह आसान, 5वें पर फंसा पेंच
एनडीए ने इस चुनाव में अपने 5 उम्मीदवार उतारे हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत है।
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सुरक्षित उम्मीदवार: बीजेपी के नितिन नबीन और शिवेश कुमार, तथा जेडीयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर के पास पर्याप्त संख्या बल है।
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उपेंद्र कुशवाहा की चुनौती: एनडीए के पांचवें उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को जीत के लिए अतिरिक्त वोटों की दरकार है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, एनडीए के पास अपने कोटे के बाद करीब 38 वोट बचते हैं, जिसका मतलब है कि उन्हें 3 और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
महागठबंधन का मास्टरस्ट्रोक: किंगमेकर की भूमिका में AIMIM और BSP
आरजेडी ने उद्योगपति अमरेंद्र धारी सिंह को फिर से मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, लेफ्ट) के पास कुल 35 वोट हैं, लेकिन जीत के लिए उन्हें 6 और वोटों की तलाश है।
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ओवैसी का साथ: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपने 5 विधायकों का समर्थन आरजेडी को देने का ऐलान कर दिया है।
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बसपा का रुख: बसपा के एकमात्र विधायक सतीश यादव के भी आरजेडी के पक्ष में जाने की चर्चा है।
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यदि ये 6 वोट (5 AIMIM + 1 BSP) अमरेंद्र धारी सिंह को मिलते हैं, तो महागठबंधन का आंकड़ा जादुई संख्या 41 तक पहुँच सकता है।
सस्पेंस और रणनीतियां: होटल पॉलिटिक्स और 'अंतरात्मा की आवाज'
चुनाव में क्रॉस वोटिंग के डर से दोनों खेमे अलर्ट पर हैं:
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कांग्रेस का डर: कांग्रेस के कुछ विधायकों की 'खामोशी' ने महागठबंधन की धड़कनें बढ़ा दी थीं, हालांकि वोटिंग के लिए उनके पहुंचने से राहत मिली है।
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किलेबंदी: आरजेडी ने अपने विधायकों को पटना के एक निजी होटल में ठहराया है, ताकि किसी भी तरह की सेंधमारी से बचा जा सके।
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जेडीयू में असंतोष की चर्चा: विपक्ष का दावा है कि जेडीयू के कुछ विधायक 'अंतरात्मा की आवाज' पर वोट कर सकते हैं, जिससे पासा पलट सकता है।
नतीजों पर टिकी निगाहें
वोटिंग आज शाम 4 बजे तक चलेगी और शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। रात तक यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली की दहलीज पर उपेंद्र कुशवाहा कदम रखेंगे या अमरेंद्र धारी सिंह बाजी मार ले जाएंगे।
