रस्तोगी स्वास्थ्य केन्द्र में रक्तदान महाकुंभ: 57 यूनिट रक्त एकत्रित, अब हर तीन महीने में लगेगा शिविर
रजिस्ट्रेशन में भारी उत्साह
शिविर के लिए कुल 75 लोगों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि, गहन चिकित्सा परीक्षण के बाद 18 लोग स्वास्थ्य कारणों से 'अनफिट' पाए गए, जिसके चलते कुल 57 सफल रक्तदान संपन्न हुए। समाज के संरक्षक हरी जीवन रस्तोगी ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए घोषणा की कि समाज अब हर तिमाही (तीन महीने) में रक्तदान शिविर का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि डोनर कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्घाटन और मुख्य अतिथि के विचार
शिविर का विधिवत उद्घाटन केजीएमयू के रेस्पिरेटिरी विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्याकांत और अखिल भारतीय हरिश्चन्द्र वंशीय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रस्तोगी ने दीप जलाकर किया।
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डॉ. सूर्याकांत ने कहा, "रक्तदान महादान है। इससे शरीर को कोई कमजोरी नहीं आती है, बल्कि शरीर एक सप्ताह के भीतर ही इसकी भरपाई कर लेता है।"
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राजीव रस्तोगी ने समाज की सराहना करते हुए कहा कि लखनऊ हरिश्चन्द्र वंशीय समाज सेवा के क्षेत्र में नए पदचिह्न बना रहा है और रक्तदान जैसा पुण्य कार्य समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा है।
65 वर्षीय डॉ. मनोज रस्तोगी ने पेश की मिसाल
शिविर का मुख्य आकर्षण डॉ. मनोज रस्तोगी रहे। 65 वर्ष की आयु में उन्होंने 85वीं बार रक्तदान कर युवाओं के सामने एक अनूठा उदाहरण पेश किया। उनके इस जज्बे को सभी अतिथियों और पदाधिकारियों ने सराहा।
इनका रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में उपाध्यक्ष ब्रजेश रस्तोगी, महामंत्री प्रदीप रस्तोगी, हरिश्चन्द्र दर्पण समिति के अध्यक्ष गिरीश रस्तोगी, स्टार्टअप समिति के अध्यक्ष सुधांशु, मंत्री आशुतोष और सुहासिनी की उपाध्यक्ष सीमा रस्तोगी सहित समाज के अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
