Blood Donation Camp: 'लखनऊ पुलिस मित्र परिवार' का रक्तदान महायज्ञ सम्पन्न; लोहिया संस्थान में 57 रक्तवीरों ने किया महादान
सामाजिक डेस्क, लखनऊ (15 जून 2026):
"रक्तदान महादान है और यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।" इसी सेवा भाव को चरितार्थ करते हुए विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 'लखनऊ पुलिस मित्र परिवार' द्वारा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RML), लखनऊ में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं 'रक्तदान महायज्ञ' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
यह पूरा मानवीय अभियान टीम के संरक्षक व सेवानिवृत्त आईपीएस (IPS) अधिकारी श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह तथा मुख्य संयोजक श्री जितेन्द्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन और गरिमामयी निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
राष्ट्रगान और रक्तदान गीतों के साथ हुआ महायज्ञ का शंखनाद
इस पुनीत कार्य का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री एन.पी. ओझा (प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, ललितपुर) तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के डायरेक्टर डॉ. सी.एम. सिंह द्वारा संयुक्त रूप से रिबन काटकर किया गया। उद्घाटन के ऐतिहासिक पलों में सभी रक्तदाताओं और अतिथियों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान गाया और विशेष 'रक्तदान गीत' की प्रस्तुति के साथ इस महायज्ञ का शंखनाद किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री एन.पी. ओझा और डायरेक्टर डॉ. सी.एम. सिंह ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं होता, यह केवल एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान को ही दिया जा सकता है। उन्होंने समाज के सभी स्वस्थ और पात्र नागरिकों, विशेषकर युवाओं से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने का पुरजोर आह्वान किया।
57 रक्तवीरों ने किया रक्तदान; ब्लड बैंक प्रभारी ने जताया आभार
इस शिविर में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से आए युवाओं, पुलिसकर्मियों और महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
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सफल रक्तदान: शिविर के दौरान कुल 57 से अधिक रक्तवीरों और रक्तवीरांगनाओं ने सुरक्षित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
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चिकित्सकीय परामर्श: इसके अतिरिक्त, लगभग 12 ऐसे उत्साही नागरिक भी थे जो रक्तदान करना चाहते थे, परंतु कुछ तात्कालिक चिकित्सीय कारणों (जैसे कम हीमोग्लोबिन या बीपी आदि) की वजह से डॉक्टर की सलाह पर इस बार रक्तदान नहीं कर सके।
लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुब्रत चंद्रा ने सभी रक्तदाताओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वैच्छिक शिविर थैलेसीमिया, कैंसर, गंभीर दुर्घटनाओं के शिकार मरीजों और प्रसव के दौरान महिलाओं का जीवन बचाने में संजीवनी का काम करते हैं।

"समर्पित रक्तदाता सम्मान" से नवाजी गईं रक्तवीरांगनाएं
शिविर के दौरान समाज में लगातार इस मुहिम को आगे बढ़ाने वाली महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समाजसेविका श्रीमती सुधा टंडन, श्रीमती नूतन वर्मा, श्रीमती रुचि मिश्रा और श्रीमती शैल वर्मा को उनकी निरंतर सेवाओं के लिए "समर्पित रक्तदाता सम्मान" से नवाजा गया। इसके साथ ही, जिन युवाओं ने अपने जीवन का पहला (First Time) रक्तदान किया, उन्हें भी स्मृति-चिह्न देकर प्रोत्साहित किया गया।
इन कोरोना वॉरियर्स और समाजसेवियों का रहा अनुकरणीय सहयोग
इस महायज्ञ को सफल बनाने में टीम के मार्गदर्शक व संस्थापक जितेन्द्र सिंह एवं श्रीमती सरिता सिंह, वरिष्ठ फाउंडर मेंबर व सिविल डिफेंस सेक्टर वार्डन सुश्री ज्योति खरे, अजहर सिद्दीकी, पवन सिंह, प्रचार जंक्शन के डायरेक्टर सत्यम पाण्डेय, कवि कुलदीप कलस, राम प्रताप यादव, निर्मल एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी की उपाध्यक्ष एडवोकेट ऋचा मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) के वरिष्ठ प्रबंधक श्री बी.के. सिन्हा, एसडीआरएफ (SDRF) ट्रेनर प्रशांत तिवारी, प्रशांत बाजपेई, आशीष सिंह, चंद्रशेखर सिंह, अरुण कुमार गुप्ता, सपनेश शुक्ला, श्रीमती दीप्ती शर्मा, राम मिलन यादव, राहुल सिंह, श्रीमती संगीता जी तथा लोहिया संस्थान की शिखा व शोभित चंद्रा सहित अनेक स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पुलिस महकमे से इन्होंने किया रक्तदान:
रक्तदान महायज्ञ की सफलता में खाकी का भी मानवीय चेहरा सामने आया, जिसमें उप निरीक्षक (SI) संजय सिंह, हेड कांस्टेबल (HC) जीतेन्द्र कुमार यादव, उप निरीक्षक राहुल नयन, उप निरीक्षक योगेश सिंह, डॉ. सुनील वर्मा, एचसी अरविन्द कुशवाहा, कांस्टेबल सतेन्द्र सिंह, अतुल सिंह, श्रीमती सुधा टंडन, यूपी 112 से एचसी अजय कुमार वर्मा और एचसी नितेश कुमार सहित कई पुलिस कर्मियों ने स्वयं रक्तदान कर समाज के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। अंत में 'लखनऊ पुलिस मित्र परिवार' द्वारा सभी देवतुल्य रक्तदाताओं का हृदय से आभार प्रकट किया गया।

