Blood Donation Camp: बलरामपुर में रेड क्रॉस सोसायटी का रक्तदान महायज्ञ; 60 वर्षीय 'ब्लडमैन' आलोक अग्रवाल ने 40वीं बार किया महादान
स्थानीय डेस्क, बलरामपुर (15 जून 2026):
"रक्तदान-महादान" के सेवा भाव को आत्मसात करते हुए विश्व रक्तदाता दिवस के पावन अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की जिला इकाई, बलरामपुर के तत्वावधान में एक भव्य स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर स्थानीय अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (संयुक्त चिकित्सालय) के अत्याधुनिक रक्त केंद्र (Blood Bank) में संपन्न हुआ।
इस मानवीय अभियान का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों, दुर्घटनाओं और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
26 रजिस्ट्रेशन के सापेक्ष 22 यूनिट रक्त का हुआ संग्रह
शिविर को लेकर स्थानीय युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग में भारी उत्साह देखा गया। पूरे शिविर के दौरान:
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कुल पंजीकरण: रक्त केंद्र पर स्वैच्छिक दान के लिए कुल 26 उत्साही नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन कराया।
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सफल रक्तदान: गहन चिकित्सकीय परीक्षण के बाद 22 यूनिट सुरक्षित रक्त का संग्रह किया गया।
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परामर्श: 4 इच्छुक रक्तदाताओं को विभिन्न तात्कालिक स्वास्थ्य कारणों (जैसे हीमोग्लोबिन या बीपी के उतार-चढ़ाव) की वजह से डॉक्टरों ने इस बार रक्तदान न करने की सलाह दी।

शिविर का आधिकारिक शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. राज कुमार वर्मा एवं जनपद के विख्यात 'ब्लडमैन' आलोक अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
60 की उम्र में 40वां रक्तदान; युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
इस शिविर का सबसे अनूठा और प्रेरणादायी पल तब आया, जब रेड क्रॉस सोसायटी बलरामपुर के आजीवन सदस्य और शहर के चर्चित ब्लडमैन आलोक अग्रवाल ने 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अपना पहला, और अपने जीवन का कुल 40वॉं सफल रक्तदान किया।
उनके अलावा कई अन्य अनुभवी रक्तवीरों ने भी समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया:
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हिंमाशु मणि दीक्षित ने रिकॉर्ड 59वीं बार रक्तदान किया।
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वैभव त्रिपाठी ने 45वीं बार महादान की परंपरा को आगे बढ़ाया।
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आशीष अग्रवाल ने 21वीं बार और रवि गुप्ता ने 16वीं बार देशसेवा में अपना रक्त समर्पित किया।
शिविर के अंत में मुख्य अतिथियों द्वारा सभी रक्तदाताओं को विशेष प्रशस्ति पत्र और मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
रक्तदान से नहीं आती कमजोरी, भ्रांतियां दूर करना जरूरी
रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ब्लडमैन आलोक अग्रवाल ने बताया कि रेड क्रॉस सोसायटी समाज के सहयोग से समय-समय पर ऐसे शिविर लगाती रहती है, और इस वर्ष का यह तीसरा बड़ा शिविर है। वहीं, 45वीं बार रक्तदान करने वाले वैभव त्रिपाठी ने युवाओं का डर दूर करते हुए कहा, "रक्तदान करने से शरीर में किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से हमारा शरीर अधिक स्वस्थ और ऊर्जवान रहता है।"
रेड क्रॉस के आजीवन सदस्य संदीप उपाध्याय ने समाज की सोच पर बात करते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां और डर व्याप्त हैं। इन्हें दूर करने के लिए समाज के शिक्षित और प्रबुद्ध वर्ग को आगे आकर कमान संभालनी होगी। सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश पांडेय ने भी आश्वस्त किया कि पूरी टीम बलरामपुर में किसी भी गरीब मरीज को रक्त की कमी से नहीं जूझने देगी।
मेडिकल कॉलेज और ब्लड बैंक टीम का रहा विशेष सहयोग
रक्त संग्रहण की इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने में संयुक्त चिकित्सालय ब्लड बैंक की कुशल टीम का सराहनीय योगदान रहा। इस दौरान डॉ. आकांक्षा शुक्ला, एल.टी. सी.पी. श्रीवास्तव, अशोक पांडेय, सोनम तिवारी, अंजली सिंह, अभिषेक सिंह, अजीत श्रीवास्तव, सुन्दर और वरिष्ठ काउंसलर हिमांशु तिवारी ने तकनीकी और प्रबंधकीय मोर्चे पर अपनी सेवाएं दीं।


