राजनीतिक दलों द्वारा स्लोगनों और विज्ञापन की बौछार: खोसला
मगर दिल्ली के एमसीडी कमिश्नर, एनडीएमसी चेयरमैन व सभी अधिकारी चुपचाप बैठे हैं चुनाव आयोग भी शांत है लगता है यह सभी अधिकारी पैराशूट से अपने कार्यालय में आते हैं और पैराशूट से ही अपने निवास में चले जाते हैं दिल्ली की सड़कों पर इन्हें जाने का मौका ही नहीं मिलता खोसला ने दिल्ली के मतदाताओं से अपील की कि आप सोच समझ कर अपने 5 साल राजनीति दल को देना क्योंकि पिछले 10 वर्षों में जितना काम हुआ
वह सबके सामने है दिल्ली की सड़क गलियां टूटी पड़ी है जगह-जगह थोड़ी सी बारिश में पानी भरता है दिल्ली की में होलसेल या आम मार्केट के भी हालात बद से बत्तर है जबकि हजारों करोड रुपए का टैक्स रोजाना राज्य सरकार और केंद्र सरकार को जाता है होलसेल मार्केट के बाथरूम इतने गंदे हैं कि देखते ही बनते हैं महिलाओं के लिए तो शौचालय नाम की चीज ही नहीं है
चांदनी चौक के सांसद जो अपने आप को व्यापारी वर्ग का मुखिया कहते हैं वह जाकर सदर बाजार ,चांदनी चौक, खारी बावली, पान मंडी, नई सड़क, किनारे बाजार, आजादपुर की दुर्दशा देखें किस प्रकार जनता को परेशानी का सामना कर रही है और सभी राजनीतिक दल विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं चुनाव आयोग इस पर संज्ञान क्यों नहीं लेता जबकि अभी आचार संहिता लगने में समय है मगर विज्ञापन पूरे जोरो पर है इस सभी का बोझ जनता पर ही पड़ेगा दिल्ली के ऑटो और जनता के बीच में किराए के लिए नोकझोंक होती रहती है क्योंकि मीटर चलते ही नहीं ऑटो वाले कहते हैं कि 2 लाख का ऑटो है हमें 5 लाख में मिलता है सरकार अब तक इस माफिया पर रोक नहीं लगा पाई फिर भी ऑटो वाले बहरूपिया की फोटो लगाकर घूम रहे हैं ?ना जाने क्यों
