जनता की आवाज़ बनने और पंचायत चुनाव की रणनीति पर मंथन

Become the voice of the people and brainstorm on the strategy for Panchayat elections
 
Become the voice of the people and brainstorm on the strategy for Panchayat elections
लखनऊ। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की प्रदेश पदाधिकारियों की आवश्यक मासिक बैठक प्रदेश कार्यालय दारू सफा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में पार्टी को जनमानस की वास्तविक आवाज़ के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर चर्चा करना रहा।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पार्टी की राजनीति केवल बयानबाज़ी तक सीमित न रहकर ग्राउंड लेवल की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और उनके समाधान के लिए संघर्ष करने पर केंद्रित हो।

ग्राउंड इश्यूज़ पर फोकसचर्चा के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया, जिनमें—
किसान व मजदूर – आय, रोज़गार और सम्मान
युवा वर्ग – रोजगार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य
छोटे व्यापारी व ठेला कारोबारी – महंगाई और प्रशासनिक दबाव
महिलाएं – सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सहभागिता
वकील समुदाय – न्याय व्यवस्था में सुधार और आमजन को सुलभ न्याय
बैठक में यह विचार प्रमुखता से उभरा कि
“राजनीति का असली अर्थ जनता की पीड़ा को सत्ता तक पहुँचाना है, न कि केवल पोस्टर और भाषणों तक सीमित रहना।”
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब महंगाई आम आदमी की थाली को लगातार हल्का कर रही हो, तब राजनीति की विश्वसनीयता जनता से सीधे जुड़ाव से ही तय होती है।
पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा निर्णय
बैठक में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी महत्वपूर्ण रणनीतिक चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने संगठन को युद्ध स्तर पर सक्रिय करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बूथ से लेकर ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए और पंचायत चुनावों में एनसीपी की मजबूत व प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
यह निर्णय साफ तौर पर दर्शाता है कि पार्टी स्थानीय राजनीति के माध्यम से अपनी जमीनी पकड़ को और सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ एवं सक्रिय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
कामिनी शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, राम प्रीत शर्मा, जेपी तिवारी, सलिल कुमार सिंह, विजितेंद्र सिंह, हसीन अहमद, अनिरुद्ध यादव, राजेश जायसवाल, धनंजय प्रताप सिंह, कालिका प्रसाद दुबे, विजय कुमार विश्वकर्मा, आर्यन शुक्ला, अरविंद कुमार यादव, राजवीर राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

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