बीआरडीएस डिजाइन प्रदर्शनी में दिखी युवा प्रतिभाओं की रचनात्मकता, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने बिखेरे हुनर के रंग
प्रदर्शनी में ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज लखनऊ, माउंट लिटेरा, जयपुरिया गोयल कैंपस, सेंट्रल एकेडमी जानकीपुरम, एसएस इंटरनेशनल, बाराबंकी जयपुरिया, पायनियर स्कूल, सेंट्रल एकेडमी बाराबंकी, बीबीडी स्कूल, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, विश्वनाथ अकादमी धवापुर शाखा और जयपुरिया बाराबंकी के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी ओर से तैयार किए गए रचनात्मक प्रोजेक्ट, कलाकृतियां, चित्र, परिधान और थ्री-डी मॉडल प्रदर्शित किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और डिजाइन संबंधी कौशल का परिचय दिया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को डिजाइन शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना तथा फैशन, इंटीरियर, वास्तुकला, उत्पाद डिजाइन, ऑटोमोबाइल, ग्राफिक डिजाइन, एनीमेशन, फोटोग्राफी और ललित कला जैसे क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम में बीआरडीएस के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. भंवर राठौड़ ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने डिजाइन के क्षेत्र में उपलब्ध शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी देते हुए एनआईडी, एनआईएफटी, नाटा और यूसीईईडी जैसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
प्रदर्शनी में देशभर के 25 से अधिक प्रतिष्ठित डिजाइन महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्पों, प्रवेश प्रक्रिया और डिजाइन के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
गौरतलब है कि बीआरडीएस की वार्षिक डिजाइन प्रदर्शनी देश के 15 प्रमुख शहरों में आयोजित की जा रही है। वर्ष 2005 में स्थापित इस संस्थान के देशभर में 90 से अधिक केंद्र संचालित हैं। संस्थान डिजाइन, वास्तुकला और ललित कला के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के साथ उनके करियर निर्माण में मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
आयोजकों के अनुसार, बीआरडीएस डिजाइन प्रदर्शनी 2026 का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों को डिजाइन शिक्षा के साथ नए करियर विकल्पों के प्रति जागरूक करना है। प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
