Brij Bhushan Singh Threat Case: बृजभूषण शरण सिंह और उनके विधायक बेटे को धमकी देने वाले का हुआ पर्दाफाश; राजस्थान का विक्षिप्त युवक निकला आरोपी, जानें पूरा मामला

Brij Bhushan Singh Threat Case: Person who threatened Brij Bhushan Sharan Singh and his MLA son identified; accused turns out to be a mentally unstable youth from Rajasthan—here are the full details.
 
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क्राइम डेस्क, गोंडा (18 जून 2026):

गोंडा के कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और उनके बेटे व गोंडा सदर सीट से विधायक प्रतीक भूषण सिंह को जान से मारने की धमकी देने वाले अज्ञात कॉलर को पुलिस ने ट्रेस कर लिया है। नगर कोतवाली पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि धमकी देने वाला युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त (Mentally Unstable) है। आरोपी की पहचान राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले संदीप शर्मा के रूप में हुई है।

धमकी भरे कॉल की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत राजस्थान के अलवर पहुंची थी। वहां स्थानीय पुलिस, परिजनों और डॉक्टरों से की गई पूछताछ में आरोपी के गंभीर रूप से मानसिक बीमार होने की पुष्टि हुई है।

जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल में चल रहा है इलाज

पुलिस जांच में यह प्रामाणिक तथ्य सामने आया है कि आरोपी संदीप शर्मा का मानसिक रोग का इलाज जयपुर के सुप्रसिद्ध 'सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज' में चल रहा है।

संदीप के परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह भी पता चला कि वह पहले भी इस तरह की हरकतों को अंजाम दे चुका है। वह इंटरनेट और गूगल के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों के बड़े जनप्रतिनिधियों और वीआईपी (VIP) नेताओं के मोबाइल नंबर निकाल लेता था और फिर उन्हें फोन करके धमकियां देता था। सनकीपन में की गई इन हरकतों के कारण उसके खिलाफ पहले से ही विभिन्न राज्यों के थानों में मामले दर्ज हैं।

35 सेकंड की कॉल में कहा था— "खत्म करने का इंतजाम हो चुका है"

यह पूरा मामला 14 जून 2026 की दोपहर का है। दोपहर करीब 2:22 बजे गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह के निजी मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया था।

मात्र 35 सेकंड चली इस बातचीत में फोन करने वाले शख्स (संदीप शर्मा) ने बेहद आक्रामक और डराने वाले लहजे में कहा था— "तुम्हें और तुम्हारे पिता दोनों को जान से मारकर खत्म करने का पूरा इंतजाम हो चुका है, अगर खुद को बचा पाओ तो बचा लो।" इतना कहने के बाद फोन काट दिया गया था। इस घटना के बाद विधायक खेमे में हड़कंप मच गया था और विधायक प्रतिनिधि अजय सिंह ने 15 जून की रात को नगर कोतवाली में औपचारिक मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस की परिजनों को सख्त हिदायत: "मरीज को न दें मोबाइल फोन"

सीओ नगर (CO City) आनंद राय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने अलवर पहुंचकर आरोपी संदीप शर्मा और उसके परिवार से मुलाकात की। संदीप से भी पूछताछ की गई और उसे कड़ी चेतावनी दी गई है। चूंकि स्थानीय अस्पताल और डॉक्टरों ने उसके बीमार होने की पुष्टि की है, इसलिए पुलिस ने व्यावहारिक कदम उठाते हुए परिजनों को सख्त कानूनी हिदायत दी है।

पुलिस ने निर्देशों में कहा है कि:

  • संदीप का मानसिक इलाज सुचारू रूप से और समुचित ढंग से कराया जाए।

  • उसे किसी भी परिस्थिति में मोबाइल फोन और इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखा जाए, ताकि वह भविष्य में दोबारा किसी जनप्रतिनिधि या आम नागरिक को परेशान न कर सके और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल, नगर कोतवाली पुलिस इस मामले की विस्तृत कानूनी जांच और अन्य तकनीकी पहलुओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में पसरा तनाव काफी हद तक शांत हो गया है।

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