Budhwar Ke Upay: बुधवार और पुनर्वसु नक्षत्र का दुर्लभ संयोग; जीवन की हर बाधा को दूर करेंगे आचार्य इंदु प्रकाश के ये 12 अचूक उपाय

Remedies for Wednesday: A rare alignment of Wednesday and the Punarvasu Nakshatra; these 12 infallible remedies by Acharya Indu Prakash will remove every obstacle in life.
 
Budhwar Ke Upay: बुधवार और पुनर्वसु नक्षत्र का दुर्लभ संयोग; जीवन की हर बाधा को दूर करेंगे आचार्य इंदु प्रकाश के ये 12 अचूक उपाय

सनातन धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए परम फलदायी माना गया है। इस बार बुधवार के दिन आकाशमंडल के सातवें नक्षत्र यानी 'पुनर्वसु नक्षत्र' का एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में 'पुनर्वसु' का संबंध शुभता, उदारता, ऐश्वर्य और सौभाग्य के स्वामी उप-देवता 'वसु' से माना गया है।

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस विशेष नक्षत्र और बुधवार के योग में किए गए छोटे-छोटे उपाय व्यक्ति को कुंडली के दोषों से मुक्ति दिलाते हैं और जीवन की हर समस्या का त्वरित समाधान करते हैं। आइए जानते हैं राशि और आवश्यकताओं के अनुसार किए जाने वाले विशेष उपाय:

1. नए व्यापार या काम में सफलता के लिए

यदि आप किसी नए व्यवसाय, दुकान या ऑफिस की शुरुआत करने जा रहे हैं, तो पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान अपने मुख्य द्वार के ठीक ऊपर बांस के दो ऐसे टुकड़े (लगभग 6-6 इंच के) लगाएं, जिनके दोनों सिरे खुले हों। यदि बांस उपलब्ध न हो, तो आप बांस की दो बांसुरी के साथ मोरपंख लगाकर भी मुख्य द्वार पर टांग सकते हैं। इससे कार्यक्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।

2. मनपसंद विवाह और वैवाहिक अड़चनों को दूर करने के लिए

अगर आपके या आपकी कन्या के विवाह में लगातार रुकावटें आ रही हैं या आप मनपसंद जीवनसाथी पाना चाहते हैं, तो इस शुभ योग में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष आसन पर बैठें। स्फटिक की माला से 'ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः' मंत्र का एक माला (108 बार) जाप करें। पूजा के पश्चात भगवान को भूने हुए आटे में पिसी हुई चीनी (शक्कर) मिलाकर तैयार प्रसाद का भोग लगाएं।

3. पारिवारिक कलह दूर करने और सामंजस्य बढ़ाने के लिए

घर में सुख-सुविधाएं होने के बावजूद यदि परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल की कमी रहती है, तो पुनर्वसु नक्षत्र में दो बांसुरी लें। इन्हें अपने घर की छत की बीम के दोनों तरफ लाल रंग के रिबन (फीते) से इस प्रकार बांधें कि बांसुरी का मुख मुख्य दरवाजे की तरफ हो। इससे वास्तु दोष दूर होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है।

4. नौकरी में बॉस और सीनियर्स से संबंध सुधारने के लिए

यदि कार्यस्थल या ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद रहते हैं, तो बुधवार की सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश के चरणों का स्पर्श कर आशीर्वाद लें। वहीं कुशा या ऊन के आसन पर बैठकर विघ्नहर्ता के मूल मंत्र 'श्री गणेशाय नम:' का श्रद्धापूर्वक 21 बार जाप करें।

5. दांपत्य जीवन में मिठास घोलने के लिए

वैवाहिक जीवन में चल रहे तनाव को दूर करने और आपसी रिश्तों में प्रेम बढ़ाने के लिए बुधवार को गजानन की पूजा के समय थोड़ी सी शुद्ध हल्दी में घी मिलाएं। इस पेस्ट से भगवान गणेश के मस्तक पर तिलक लगाएं और उनके सम्मुख शुद्ध घी का एक दीपक प्रज्वलित करें।

6. अचानक आई बड़ी मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए

यदि आप किसी बड़ी परेशानी या अज्ञात संकट से घिरे हुए हैं, तो बुधवार के दिन भगवान गणेश के अत्यंत प्रभावी वक्रतुण्ड मंत्र— 'वक्र तुण्डाय हुं' का 21 बार जाप करें। इसके साथ ही बप्पा को एक जटावाला साबुत नारियल अर्पित करें।

7. जीवन की गति और प्रगति को निरंतर बनाए रखने के लिए

अपने जीवन और करियर की रफ्तार को बिना किसी अवरोध के आगे बढ़ाने के लिए सुबह स्नान के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। सबसे पहले अपने कुलदेवता या इष्टदेव का स्मरण करें और फिर अपने माथे पर केसर का तिलक धारण करें।

8. संतान और स्वयं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए

यदि घर में आपकी या आपकी संतान की सेहत अक्सर खराब रहती है, तो स्वास्थ्य लाभ के लिए घर में कुत्ता पालना बेहद शुभ माना जाता है। यदि कुत्ता पालना संभव न हो, तो प्रतिदिन या विशेषकर बुधवार के दिन गली के कुत्तों को प्रेमपूर्वक रोटी खिलाएं।

9. रिश्तों की कड़वाहट और समस्याओं को मिटाने के लिए

अगर जीवन में खुशियों की जगह परेशानियों ने डेरा डाल दिया है, तो बुधवार के दिन सुबह स्नान के बाद एक पैकेट इमली लेकर किसी भी नजदीकी गणेश मंदिर में जाएं और उसे भगवान के चरणों में अर्पित कर दें। इससे संबंधों की कड़वाहट दूर होती है।

10. रोजगार और करियर की समस्याओं के समाधान के लिए

पिछले कुछ समय से यदि आपको नौकरी से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो बुधवार को शुद्ध घी, पिसी हुई चीनी और सफेद तिल को मिलाकर लड्डू तैयार करें और गणेश जी को भोग लगाएं। यदि लड्डू बनाना संभव न हो, तो मंदिर में इन तीनों सामग्रियों का अलग-अलग दान भी किया जा सकता है।

11. जिद्दी संतान को सही राह पर लाने के लिए

यदि आपकी संतान आपकी बातें नहीं मानती, पढ़ाई से जी चुराती है या अपनी मनमानी करती है, तो उसके स्वभाव में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बुधवार को किसी धार्मिक स्थल या अनाथालय में कंबल का दान करें। यदि कंबल काले और सफेद रंग (चेक या दोरंगा) का हो, तो राहु-केतु के दोष भी शांत होते हैं।

12. भौतिक सुख-साधनों और ऐश्वर्य में वृद्धि के लिए

जीवन में सुख, विलासिता और समृद्धि बढ़ाने के लिए बुधवार के दिन गणेश जी की विशेष वंदना करें और उनके प्रसिद्ध मंत्र 'गं गणपतये नमः' का एक माला (108 बार) जाप करें। मंत्र पूरा होने के बाद भगवान गणेश को दूर्वा (दूब घास) की 11 या 21 गांठें अवश्य चढ़ाएं।

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