जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में बिजनेस मैनेजमेंट कॉन्क्लेव, एआई से फ्यूचर-रेडी संगठन बनाने पर हुआ मंथन
कार्यक्रम में उद्योग जगत के वरिष्ठ लीडर्स, शिक्षाविदों, फैकल्टी सदस्यों और छात्रों ने भाग लिया। सम्मेलन में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि एआई किस तरह मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, ऑपरेशंस और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे संगठन के प्रमुख कार्यों को प्रभावित कर रहा है।

कॉन्क्लेव में कस्टमर एनालिटिक्स, पर्सनलाइज्ड एंगेजमेंट, एआई-असिस्टेड रिक्रूटमेंट, फाइनेंशियल फोरकास्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, डिमांड फोरकास्टिंग और डेटा आधारित निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल, संगठनात्मक संस्कृति, नैतिकता, प्रशासन और नीतियों से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
उद्घाटन सत्र में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ की डायरेक्टर डॉ. सुषमा विश्नानी, जियो ब्लैकरॉक म्यूचुअल फंड के हेड ऑफ प्रोडक्ट्स श्री बिराजा प्रसाद त्रिपाठी तथा मुख्य अतिथि पीडब्ल्यूसी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर-जीसीसी डॉ. योगेश शेटे सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सत्र के दौरान संस्थान के डीन एकेडमिक्स डॉ. हेमेंद्र गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. सुषमा विश्नानी ने कहा कि बिजनेस का भविष्य उन संस्थाओं का होगा, जो मानवीय समझ के साथ एआई की परिवर्तनकारी क्षमता का प्रभावी उपयोग करेंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य के मैनेजर तैयार करने के लिए केवल तकनीकी जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि रणनीतिक सोच, नैतिक नेतृत्व और एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य छात्रों, फैकल्टी और उद्योग जगत के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भविष्य की जरूरतों पर सार्थक संवाद करना है।
सम्मेलन के दौरान एआई के लोगों, ग्राहकों, आर्थिक निर्णयों और उद्यमों के संचालन पर पड़ रहे प्रभाव का भी मूल्यांकन किया गया। विभिन्न सत्रों में जेपी मॉर्गन चेस के वाइस प्रेसिडेंट- मर्जर एंड एक्विजिशन अमोघ मेहरोत्रा, स्विगी के जैन एआई मार्केटिंग लीड करण राना, अपोलो टायर्स के चीफ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लीडर हर्ष वर्धन, एकियन लैब्स के चीफ पीपल ऑफिसर वीरा रेड्डी, पीडब्ल्यूसी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर- बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन विवेक श्रीवास्तव, लेटेंट व्यू एनालिटिक्स के डायरेक्टर- बीआई एंड विजुअलाइजेशन विवेक सौंदरापांडियन तथा नोवार्टिस के डायरेक्टर- जनरेटिव एआई योगेश वर्मा ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।
क्लाउड काउंसलेज प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक एवं सीएचआरओ सुभी शिल्धंकर के नेतृत्व में ‘लेवरेजिंग एआई फॉर बिजनेस सक्सेस’ विषय पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। इसमें मौजूदा कारोबारी चुनौतियों से निपटने में एआई की भूमिका और इसके व्यावहारिक इस्तेमाल पर उद्योग जगत का दृष्टिकोण सामने रखा गया।
विशेषज्ञों ने एआई को भावी मैनेजरों और बिजनेस लीडर्स की जरूरतों से जोड़ते हुए जिम्मेदार एआई अपनाने, संगठनात्मक संस्कृति, नैतिकता, प्रशासन और नीतिगत ढांचे जैसे पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
कॉन्क्लेव के दौरान छात्रों के लिए क्विज, इंस्टा रील और पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के अंत में आयोजित नेटवर्किंग सत्र में वक्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, फैकल्टी सदस्यों, पूर्व छात्रों और वर्तमान छात्रों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीलेश कुमार तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
