इंजीनियरों से तकनीकी दक्षता के साथ नवाचार, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व अपनाने का आह्वान

Call to engineers to embrace innovation, ethics, and social responsibility alongside technical proficiency.
 
Call to engineers to embrace innovation, ethics, and social responsibility alongside technical proficiency.

लखनऊ। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) (IEI), उत्तर प्रदेश स्टेट सेंटर की ओर से इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में रॉयल चार्टर दिवस गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। हर वर्ष 9 सितंबर को मनाया जाने वाला यह दिवस IEI के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। संस्था को 9 सितंबर 1935 को रॉयल चार्टर प्रदान किया गया था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, पूर्व अध्यक्ष एवं महानिदेशक, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS), लखनऊ ने की। उन्होंने उपस्थित इंजीनियरों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए रॉयल चार्टर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि भारत के तकनीकी और राष्ट्रीय विकास में इंजीनियरिंग समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। बदलते तकनीकी परिवेश में इंजीनियरों को अपनी तकनीकी दक्षताओं को लगातार अपडेट करने के साथ नवाचार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपने कार्य का हिस्सा बनाना चाहिए।

युवा इंजीनियरों को नई तकनीक से जोड़ने पर जोर

मुख्य वक्ता इं. जी. एम. पाण्डेय ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में व्यावसायिक ज्ञान और तकनीकी दक्षताओं के निरंतर उन्नयन की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए युवा इंजीनियरों को सक्रिय रूप से मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें नई तकनीकों, अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।

कार्यक्रम समन्वयक इं. जे. बी. सिंह ने रॉयल चार्टर दिवस की पृष्ठभूमि, इसकी ऐतिहासिक विरासत और इंजीनियरिंग पेशे के लिए इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। IEI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार संस्था की स्थापना 1920 में हुई थी और 9 सितंबर 1935 को उसे रॉयल चार्टर प्रदान किया गया। प्रत्येक वर्ष 9 सितंबर को IEI के केंद्रों में रॉयल चार्टर दिवस मनाया जाता है।

विशिष्ट सदस्यों के प्रति जताया आभार

कार्यक्रम के समापन पर संस्था के मानद सचिव ई. एन.के. निषाद ने अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, मुख्य अतिथि इं. ए. एस. कपूर, प्रो. जमाल नुसरत, इं. महेश गुप्ता, इं. आर. के. सिंह, इं. एन. के. वर्मा, कार्यक्रम समन्वयक इं. जे. बी. सिंह सहित उपस्थित सभी विशिष्ट सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह में इंजीनियरिंग क्षेत्र में ज्ञान, तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने इंजीनियरिंग समुदाय को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करने और समाज के व्यापक हित में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

Tags