मोहनलालगंज में केनरा बैंक ने लगाया कृषि ऋण कैंप, 50 किसानों को बांटे ₹1.25 करोड़ के ऋण

Canara Bank organizes agricultural loan camp in Mohanlalganj; distributes loans worth ₹1.25 crore to 50 farmers.
 
मोहनलालगंज में केनरा बैंक ने लगाया कृषि ऋण कैंप, 50 किसानों को बांटे ₹1.25 करोड़ के ऋण

लखनऊ, 13 अगस्त। केनरा बैंक की मोहनलालगंज शाखा ने अन्य ग्रामीण शाखाओं तथा मोहनलालगंज के गडियाना स्थित ग्राम पंचायत भवन के सहयोग से गुरुवार को एक बड़े कृषि ऋण कैंप का आयोजन किया। कैंप का उद्देश्य किसानों को कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न ऋणों, बैंकिंग सुविधाओं और सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी देकर उनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था।

कैंप में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), डेयरी एवं मत्स्य पालन ऋण, फसल बीमा तथा कृषि विभाग की विभिन्न सब्सिडी आधारित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बैंक अधिकारियों ने बताईं ऋण सुविधाएं

केनरा बैंक के अंचल कार्यालय, लखनऊ के उप महाप्रबंधक वेद प्रकाश ने किसानों को जिले में कृषि क्षेत्र में बैंक की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न ऋण सुविधाओं और बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।

केनरा बैंक लखनऊ-I रीजनल ऑफिस की सहायक महाप्रबंधक श्रीमती सुमी चंद्रन एम.बी. ने किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी ऋण और कृषि प्रसंस्करण से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों के विस्तार और आय बढ़ाने के लिए इन सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी शिव कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने किसानों को कृषि से संबंधित सरकारी बुनियादी ढांचा योजनाओं तथा वित्तीय साक्षरता के महत्व के बारे में जानकारी दी।

50 किसानों को ₹1.25 करोड़ के कृषि ऋण वितरित

कैंप में विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कई ग्राम प्रधानों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। अधिकारियों ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।

कैंप के दौरान लगभग 50 किसानों को कुल ₹1.25 करोड़ के कृषि ऋण वितरित किए गए। इसके अलावा करीब 200 किसानों को छाते, पौधे और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि किसानों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं और सरकार द्वारा प्रायोजित कृषि योजनाओं से जोड़ने से खेती की उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों के विकास के लिए उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

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