कंगना रनौत पर देशद्रोह का केस चलेगा? किसान आंदोलन वाले बयान पर आगरा कोर्ट का बड़ा फैसला

 
Case of treason against Kangana Ranaut! Uproar over statement on farmers' protest | Agra Court's big decision

🇮🇳 कंगना रनौत पर देशद्रोह का केस चलेगा? किसान आंदोलन वाले बयान पर आगरा कोर्ट का बड़ा फैसला

By Aastha Pandey | Aapki Khabar Rajneeti | 13 नवंबर 2025

🔴 बीजेपी सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत फिर विवादों में

बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। किसान आंदोलन के दौरान दिए गए विवादित बयानों को लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह (Rashtradroh) और किसानों के अपमान का मामला फिर से खुलने जा रहा है।

आगरा कोर्ट ने एडवोकेट रामाशंकर शर्मा की रिवीजन याचिका स्वीकार कर ली है। अब यह मामला स्पेशल MP-MLA कोर्ट में दोबारा सुना जाएगा। अगली सुनवाई की तारीख 29 नवंबर 2025 तय की गई है।

⚖️ क्या है पूरा मामला?

यह केस 11 सितंबर 2024 से जुड़ा हुआ है, जब आगरा के वकील रामाशंकर शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान दिए अपने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों में किसानों का अपमान किया और महात्मा गांधी पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।

एडवोकेट शर्मा के मुताबिक, कंगना के इन बयानों से देशभर के किसानों और नागरिकों की भावनाएं आहत हुईं और उन्होंने राष्ट्र की एकता के खिलाफ माहौल बनाया। इसी आधार पर उन्होंने कंगना पर देशद्रोह और किसानों के अपमान का मामला चलाने की मांग की।

🏛️ पहले खारिज हुआ था केस

करीब 9 महीने तक सुनवाई चलने के बाद, 6 मई 2025 को स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने यह केस यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि “मामले में पूरी स्पष्टता नहीं दी गई।”

इसके बाद रामाशंकर शर्मा ने रिवीजन याचिका दायर की और कहा कि उनका केस अधूरा नहीं था, बल्कि कोर्ट ने गलत तरीके से उसे खारिज किया।

अब 12 नवंबर 2025 को जज लोकेश कुमार ने उनकी रिवीजन याचिका स्वीकार कर ली। इस फैसले के साथ कंगना रनौत पर केस दोबारा शुरू होगा।

👩‍⚖️ कंगना को कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है

कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि अगली सुनवाई में कंगना रनौत को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ सकता है।
मालूम हो कि कोर्ट के 6 समन जारी होने के बावजूद कंगना अब तक हाज़िर नहीं हुई हैं।

🗣️ क्या कहा था कंगना ने?

किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने सोशल मीडिया पर कई विवादित बयान दिए थे —

  • उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों को ‘आतंकी’ और ‘आंदोलनजीवी’ कहा था।

  • यह भी कहा था कि “जो लोग शाहीन बाग में बैठे थे, वही लोग अब किसान बनकर आंदोलन कर रहे हैं।

  • इसके अलावा, उन्होंने महात्मा गांधी पर भी एक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर लोगों ने कहा कि उन्होंने “राष्ट्रपिता का अपमान” किया है।

इन बयानों के बाद देशभर में भारी विरोध हुआ और कंगना के खिलाफ कई जगह FIR दर्ज की गई।

🧾 एडवोकेट रामाशंकर शर्मा का बयान

मीडिया से बातचीत में एडवोकेट शर्मा ने कहा —

“6 मई 2025 को लोअर कोर्ट ने मेरा केस खारिज किया था, लेकिन अब 12 नवंबर को मेरी रिवीजन स्वीकार हो गई है।
अब 29 नवंबर को सुनवाई होगी। न्याय के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।”

🪖 विवाद और राजनीति

कुछ महीने पहले चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक CISF महिला कांस्टेबल ने कंगना को थप्पड़ मारा था। उस वक्त भी कहा गया था कि यह गुस्सा किसान आंदोलन पर कंगना के बयानों को लेकर था।

कंगना वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद हैं। हालांकि, उनके इन बयानों से पार्टी ने दूरी बना ली थी और साफ कहा था कि ये टिप्पणियाँ पार्टी की सोच का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

अब जब रिवीजन याचिका स्वीकार हो गई है, तो यह मामला एक बार फिर राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर भी सवाल उठा रहा है।

📅 अब आगे क्या?

29 नवंबर की सुनवाई में यह तय होगा कि कंगना रनौत के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलेगा या नहीं।
अगर कोर्ट को लगता है कि उनके बयानों से समाज में अशांति फैली या किसानों का अपमान हुआ, तो केस आगे बढ़ सकता है।

❓जनता से सवाल

आपका क्या मानना है —
क्या कंगना रनौत के बयान देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं,
या यह केवल एक राजनीतिक विवाद है?

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