सीबीआई ने सीजीएसटी झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, उप आयुक्त समेत पांच गिरफ्तार
CBI arrests CGST Jhansi deputy commissioner and five others red-handed while accepting bribe of Rs 70 lakh
Thu, 1 Jan 2026
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) झांसी कार्यालय में चल रहे एक बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक उप आयुक्त (आईआरएस), दो अधीक्षक, एक अधिवक्ता और एक निजी कंपनी के स्वामी को गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई द्वारा 30 दिसंबर 2025 को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोप है कि सीजीएसटी झांसी में तैनात उप आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने एक निजी फर्म को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुँचाने के बदले 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

जाल बिछाकर 70 लाख की रिश्वत बरामद
सीबीआई ने जाल बिछाकर दो अधीक्षकों को 70 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि यह रकम उप आयुक्त के निर्देश पर ली जा रही थी। इसके बाद सीबीआई ने उप आयुक्त, अधिवक्ता और निजी कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी में 1.60 करोड़ नकद और आभूषण बरामद
गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी के दौरान करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद, कई संपत्ति दस्तावेज, तथा भारी मात्रा में सोना-चांदी व आभूषण बरामद किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार तलाशी और जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम
श्रीमती प्रभा भंडारी – उप आयुक्त, सीजीएसटी झांसी (आईआरएस-सी एंड आईटी, 2016 बैच)
श्री अनिल तिवारी – अधीक्षक, सीजीएसटी झांसी
श्री अजय कुमार शर्मा – अधीक्षक, सीजीएसटी झांसी
श्री राजू मंगतानी – स्वामी, एम/एस जय दुर्गा हार्डवेयर (निजी व्यक्ति)
श्री नरेश कुमार गुप्ता – अधिवक्ता (निजी व्यक्ति)
सीबीआई ने बताया कि सभी अभियुक्तों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा और मामले में आगे की जांच तेज़ी से जारी है।
