सीडीआरआई स्टाफ क्लब ने प्रेक्षागृह में प्रस्तुत किया नाट्य मंचन “आख़िरी बसंत
कहानी का संक्षिप्त विवरण
आख़िरी बसंत” बुजुर्ग दम्पत्ति की अकेली जिंदगी, उनके मनोवैज्ञानिक संघर्ष और पारिवारिक समर्थन एवं सामंजस्य के माध्यम से जीवन में नई ऊर्जा पाने की कहानी है। कलाकारों ने भावनाओं की गहराई और संवेदनशीलता को जीवंत रूप में दर्शकों तक पहुँचाया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
• सीमैप निदेशक: डॉ. प्रबोध त्रिवेदी
• CDRI निदेशक: डॉ. राधा रंगराजन
साथ ही तमाम वैज्ञानिक और अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात कवि पंकज प्रसून ने किया।
कलाकारों का परिचय
• इंस्पेक्टर मनजीत: वंश श्रीवास्तव
• कनेडियन बहू: अलका विवेक
• बेटा: विकास श्रीवास्तव
• डाकू राधू: संजय देगलूरकर
• पत्नी गीता: चित्रा मोहन
• पति: डॉ. अनिल रस्तोगी
बैकस्टेज टीम
• प्रकाश परिकल्पना एवं संचालन: गोपाल सिन्हा
• सहयोग: मनीष सैनी
• ध्वनि एवं संगीत संयोजन: विवेक श्रीवास्तव
• मंच निर्माण: मधुसूदन, नंदकिशोर
• रूप सज्जा: मनोज वर्मा
• प्रस्तुति संयोजक: सुमित श्रीवास्तव
• प्रस्तुतकर्ता: विद्या सागर गुप्ता, अध्यक्ष दर्पण
• लेखक एवं निर्देशक: शुभदीप राहा (एनएसडी पास आउट)
कार्यक्रम ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से गहराई तक प्रभावित किया और सीडीआरआई स्टाफ क्लब की कलात्मक दक्षता और नाट्य मंचन की गुणवत्ता को उजागर किया।
