एसकेडी एकेडमी में मकर संक्रांति व राष्ट्रीय सेना दिवस का गरिमामय संयुक्त उत्सव
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र, अभिभावक, शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य पारंपरिक वेश-भूषा में सजे-धजे नजर आए, जिससे पूरे परिसर में भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। सभी ने पारंपरिक खिचड़ी भोज का आनंद लिया तथा एक-दूसरे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्साह और उमंग से सराबोर रहा। अभिभावकों ने पतंगबाजी का आनंद उठाया, जबकि बच्चों और परिवारों ने रंग-बिरंगी पतंग सजावट प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया, वहीं बच्चों के लिए बनाए गए आकर्षक गेमिंग ज़ोन ने उनकी खुशियों को दोगुना कर दिया।
सामाजिक सरोकारों को आत्मसात करते हुए विद्यालय द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जरूरतमंदों एवं एसकेडी समूह के समर्पित सहायक स्टाफ के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिससे विद्यार्थियों में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक संवेदनशीलता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक श्री मनीष सिंह ने कहा कि“एसकेडी इंटरनेशनल स्कूल आधुनिक शिक्षा, राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम है। हमारा उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन करें।”उन्होंने बताया कि यही समग्र और दूरदर्शी सोच उनकी नवीन पहल — अवध विहार योजना (सेक्टर-9) में स्थापित एसकेडी इंटरनेशनल स्कूल — की आधारशिला है, जहाँ भारतीय मूल्यों के साथ विश्व-स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाएगी।
मकर संक्रांति के संदेश को साझा करते हुए उन्होंने कहा क “जैसे सूर्य उत्तरायण की ओर अग्रसर होता है, वैसे ही हमें भी अपने विचारों और कर्मों को ऊँचा उठाना चाहिए। इस मकर संक्रांति पर हम सभी के स्वास्थ्य, सफलता और समृद्धि की कामना करें। आपसी सम्मान, सौहार्द और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, ताकि एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण हो सके।”
समारोह का समापन उल्लासपूर्ण और प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। इस अवसर पर नव-प्रारंभित अवध विहार योजना शाखा में प्रवेश प्रारंभ होने की आधिकारिक घोषणा भी की गई। संपूर्ण आयोजन ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक महत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय चेतना को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।
