CEPT यूनिवर्सिटी की बड़ी पहल: आर्किटेक्ट्स के लिए शुरू हुए दो विशेष मास्टर्स प्रोग्राम, 31 मार्च तक करें आवेदन

सीईपीटी (CEPT) यूनिवर्सिटी ने भविष्य के शहरों की चुनौतियों और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए आर्किटेक्ट्स के लिए दो विशेष स्नातकोत्तर (Postgraduate) पाठ्यक्रमों की घोषणा की है। ये कार्यक्रम आर्किटेक्चर के पारंपरिक दायरे को बढ़ाकर छात्रों को विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
 
CEPT यूनिवर्सिटी की बड़ी पहल: आर्किटेक्ट्स के लिए शुरू हुए दो विशेष मास्टर्स प्रोग्राम, 31 मार्च तक करें आवेदन
लखनऊ, 17 मार्च 2026: शहरी विस्तार और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच, आर्किटेक्चर के क्षेत्र में विशेषज्ञता की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी को देखते हुए प्रतिष्ठित सीईपीटी (CEPT) यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर ने दो विशेष स्नातकोत्तर कार्यक्रमों — मास्टर्स इन कंज़र्वेशन एंड रीजेनेरेशन (MCR) और मास्टर्स इन लैंडस्केप आर्किटेक्चर (MLA) — के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

1. मास्टर्स इन कंज़र्वेशन एंड रीजेनेरेशन (MCR)

यह कार्यक्रम उन आर्किटेक्ट्स के लिए है जो इतिहास, तकनीक और शहरी डिज़ाइन के मेल में रुचि रखते हैं।

  • उद्देश्य: ऐतिहासिक इमारतों और इलाकों के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुसार पुनर्जीवित करना।

  • करियर स्कोप: वर्तमान में सरकार और निजी क्षेत्र ऐतिहासिक धरोहरों के जीर्णोद्धार में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में पेशेवरों की मांग बढ़ी है।

2. मास्टर्स इन लैंडस्केप आर्किटेक्चर (MLA)

यह एम.आर्क कार्यक्रम पारिस्थितिकी (Ecology), समाज और लैंडस्केप के संगम पर केंद्रित है।

  • उद्देश्य: पर्यावरण के अनुकूल शहरी परिदृश्य (Urban Landscape) तैयार करना और जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील प्रतिक्रिया देना।

  • महत्व: यह प्रोग्राम आर्किटेक्ट्स को प्राकृतिक और निर्मित वातावरण के बीच संतुलन बनाने में विशेषज्ञ बनाता है।

सीईपीटी (CEPT) में शिक्षा की विशेषता

CEPT में स्नातकोत्तर शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है:

  • स्टूडियो-लैब संस्कृति: यहाँ के स्टूडियो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए 'प्रयोगशाला' की तरह काम करते हैं।

  • रचनात्मक अन्वेषण: छोटे समूहों में छात्र विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ मिलकर प्रोटोटाइप का परीक्षण और आलोचनात्मक समीक्षा करते हैं।

  • संसाधन: छात्रों को मटेरियल लैब्स, लाइब्रेरी, आर्काइव्स और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पेशेवरों के एक विस्तृत नेटवर्क तक पहुँच प्राप्त होती है।

  • विंटर और समर स्कूल्स: सेमेस्टर के अलावा समर और विंटर स्कूल्स के माध्यम से छात्रों को निर्मित पर्यावरण (Built Environment) के क्षेत्र में व्यापक अनुभव मिलता है।

महत्वपूर्ण जानकारी:

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 31 मार्च, 2026

  • आधिकारिक वेबसाइट: www.cept.ac.in

निष्कर्ष: यदि आप वास्तुकला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं और विरासत संरक्षण या पर्यावरण डिज़ाइन में रुचि रखते हैं, तो ये प्रोग्राम आपके करियर को एक नई दिशा दे सकते हैं।

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