हनुमान मंदिर में गूंजा भगवान परशुराम का जयकारा: अक्षय तृतीया पर भव्य शोभायात्रा और विचार गोष्ठी का आयोजन

Chants of 'Hail Lord Parashurama' Resound at Hanuman Temple: Grand Procession and Seminar Organized on Akshaya Tritiya
 
JOIU
गड़वार, बलिया | 19 अप्रैल 2026: स्थानीय कस्बा क्षेत्र के जनऊपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में रविवार को अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा और उत्साह का संगम देखने को मिला। क्षेत्र के विप्र समाज द्वारा भगवान परशुराम की विशेष पूजा-अर्चना के साथ-साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी की।

धार्मिक अनुष्ठान और सुंदरकांड का पाठ

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मंदिर परिसर में देवी-देवताओं के आह्वान और विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। भक्तों ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजन के पश्चात पूर्णाहूति और हवन का आयोजन किया गया, जिसमें विश्व शांति और समाज के कल्याण की कामना की गई।

आकर्षक झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा

हवन के उपरांत श्रद्धालुओं ने धर्म पताकाओं और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली यह यात्रा जनऊपुर गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा में शामिल युवा और बुजुर्ग हाथों में ध्वजा थामे भगवान के जयघोष कर रहे थे, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

विचार गोष्ठी: "भगवान परशुराम के आदर्शों को न होने दें धूमिल"

इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में समाज के प्रबुद्ध जनों ने अपने विचार साझा किए:

  • धनेश पाण्डेय (अध्यक्ष, जनऊबाबा साहित्यिक संस्था निर्झर): उन्होंने कहा कि समाज में ब्राह्मणों का एक विशिष्ट सम्मान है, जिसकी पहचान भगवान परशुराम द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों से है। उन्होंने आगाह किया कि पाश्चात्य संस्कृति के मोह में फंसकर हमें अपनी मूल पहचान और संस्कारों को धूमिल नहीं होने देना चाहिए।

  • सक्षम पाण्डेय (अध्यक्ष, बाबा परशुराम युवा मंच): उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास गवाह है कि संपूर्ण समाज का प्रतिनिधित्व हमेशा से ब्राह्मण समाज ने किया है। आज के समय में हम सभी को आत्म-अवलोकन करने की आवश्यकता है ताकि हम समाज को सही दिशा दे सकें।

  • अभिषेक पाण्डेय (मंत्री): उन्होंने गौरव के साथ कहा कि हम सभी भगवान परशुराम के वंशज हैं और उनके शस्त्र व शास्त्र के समन्वय को जीवन में उतारना ही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद पं. प्रेमनारायन पाण्डेय ने की तथा मंच का सफल संचालन निरंजन पाण्डेय ने किया। इस गौरवमयी आयोजन में मुख्य रूप से देवेन्द्र पाण्डेय, अनमोल मिश्रा, पियूष, आयुष, शिवेश, आदर्श, रोशन, गोलू मिश्रा, सत्यम, शिवम समेत क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे

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