कैरेक्टर बिल्डिंग: स्वभाव और व्यवहार ही तय करते हैं आपके व्यक्तित्व की ऊंचाई – कर्नल ए.पी.एस. पटवाल
नवोदय विद्यालय परिसर: "हमारे चरित्र के निर्माण में हमारी आंतरिक प्रकृति (स्वभाव) और बाहरी क्रियाकलापों (व्यवहार) की भूमिका सबसे अहम होती है। जन्मजात स्वभाव जहाँ हमें एक बुनियादी नींव देता है, वहीं हमारा रोज़मर्रा का आचरण उस नींव पर एक मजबूत, अनुशासित और सम्मानित व्यक्तित्व की इमारत खड़ी करता है।"
यह प्रेरणादायक विचार 51वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल ने व्यक्त किए। वे जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के छठे दिन कैडेटों के निरीक्षण के दौरान उन्हें संबोधित कर रहे थे।
स्वभाव और व्यवहार का अंतर और महत्व
कर्नल पटवाल ने कैडेटों को जीवन में सफलता और एक अच्छे इंसान बनने के मूलमंत्र सिखाते हुए दोनों पहलुओं को विस्तार से समझाया:
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स्वभाव (आंतरिक प्रकृति): यह किसी भी व्यक्ति की जन्मजात प्रवृत्ति है—जैसे शांत रहना, भावुक होना या साहसी होना। हालांकि मूल स्वभाव को बदलना थोड़ा कठिन होता है, लेकिन दृढ़ आत्म-नियंत्रण और सकारात्मक दृष्टिकोण (Positive Thinking) के बल पर इसके नकारात्मक पक्षों को सुधारा जा सकता है।
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व्यवहार (बाहरी आचरण): व्यवहार यह दिखाता है कि आप समाज और स्वयं के प्रति कितने जिम्मेदार हैं। जब कोई व्यक्ति अपने स्वभाव में धैर्य, करुणा और सहानुभूति जैसे मानवीय मूल्यों को ढाल लेता है, तो उसका व्यवहार समाज के लिए एक मिसाल बन जाता है।
कैंप की दिनचर्या: योग से लेकर एनसीसी परीक्षा की तैयारी तक
दस दिवसीय इस संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के छठवें दिन की शुरुआत बेहद ऊर्जावान रही:
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शारीरिक दक्षता: सुबह के सत्र में कैडेटों ने योग का अभ्यास किया और पीटी ड्रिल में हिस्सा लिया।
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शैक्षणिक सत्र: इसके बाद एनसीसी सर्टिफिकेट कोर्स की आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नियमित और विशेष थ्योरी कक्षाओं का संचालन किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद सैन्य और एनसीसी अधिकारी
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र और निरीक्षण के दौरान बटालियन तथा विद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
| पद | अधिकारी / स्टाफ सदस्य |
| एडम ऑफिसर | कर्नल अनुराग गंजवार |
| एनसीसी सैन्य अधिकारी | मेजर आरिफ खान, लेफ्टिनेंट उदयभान, लईक अंसारी, अतुल यादव |
| सीटीओ | वंदना पाण्डेय |
| सूबेदार मेजर | बिनय घोष |
| सूबेदार व बीएचएम | सूबेदार नंद सिंह, बीएचएम रजनीश एवं पीआई स्टाफ |



