एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज में पाँच दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पांडेय, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डी.पी. सिंह बैस, योगाचार्य डॉ. वीरेन्द्र विक्रम सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार, प्रो. ए.के. सिंह, डॉ. दिनेश कुमार मौर्य, डॉ. शिव महेंद्र सिंह, बनवारी प्रसाद तिवारी, राकेश पांडेय, डी.पी. शर्मा, राकेश प्रताप सिंह, साधना पांडेय, डॉ. अभय नाथ, डॉ. बी.पी. सिंह, डॉ. कमलेश शाक्य, डॉ. लवकुश पांडेय, डॉ. बी.एल. गुप्ता, डॉ. अभिषेक कुशवाहा और डॉ. रिंकू सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन बी.एड. विभाग के छात्र-छात्राओं ने किया और अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।विशेष आकर्षण के रूप में योगाचार्य डॉ. वीरेन्द्र विक्रम सिंह ने स्विमिंग पूल में “पलवनी प्राणायाम” का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि यह जल योग की एक अनोखी पद्धति है, जिसमें श्वास नियंत्रण के माध्यम से शरीर को जल में संतुलित रखा जाता है। इस योग तकनीक से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, श्वसन प्रणाली सुदृढ़ होती है तथा मानसिक एकाग्रता का विकास होता है। विद्यार्थियों ने भी विभिन्न योगासन प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राघवेन्द्र सिंह के कुशल निर्देशन में पाँच दिवसीय यह योग शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान विभाग के शिक्षकों — प्रो. श्रीप्रकाश मिश्र, डॉ. रामरहीश, डॉ. मितलेश मिश्र, डॉ. के.के. मिश्र और शुभम सिंह ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

समापन समारोह में पाँच दिवसीय योग प्रशिक्षण में सहभागिता करने वाले छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।प्राचार्य प्रो. जे.पी. पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का माध्यम है। विद्यार्थियों को इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।”

अंत में संयोजक प्रो. राघवेन्द्र सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “इस तरह के योग कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर “योग से स्वास्थ्य – जीवन में स्फूर्ति” के संदेश से गुंजायमान रहा। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर समाज में स्वास्थ्य, अनुशासन और स्फूर्ति का संदेश फैलाएँगे।
