मध्यप्रदेश में निवेश व औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

Chief Minister Dr. Mohan Yadav is giving new direction to investment and industrial development in Madhya Pradesh.
 
Chief Minister Dr. Mohan Yadav is giving new direction to investment and industrial development in Madhya Pradesh.

(बबिता मिश्रा – विनायक फीचर्स)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से एक निवेश-अनुकूल और औद्योगिक रूप से सक्षम राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार की नीतियाँ अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलते औद्योगिक परिदृश्य और बढ़ते निवेश से अपना प्रभाव दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरुआत से यह लक्ष्य तय किया कि प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया जाए जहाँ उद्योगों को स्थिर अवसर मिलें, युवाओं के लिए रोजगार का विस्तार हो और संपूर्ण अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत व टिकाऊ बने।

उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता उनका कार्यान्वयन-केंद्रित दृष्टिकोण है। निवेशकों से नियमित संवाद, नीतियों का सरलीकरण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और औद्योगिक अवसंरचना को बढ़ाने पर फोकस—इन सभी क्षेत्रों में उन्होंने तय समयसीमा के भीतर परिणाम सुनिश्चित किए हैं। यही कारण है कि आज प्रदेश में उद्योगों की स्थापना की गति तेज हुई है और बड़े निवेश वास्तविक परियोजनाओं के रूप में जमीन पर उतर रहे हैं।

निवेश आकर्षण का नया रिकॉर्ड

वित्तीय वर्ष 2024-25 मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए ऐतिहासिक रहा। इस अवधि में बड़े स्तर पर निवेश आकर्षण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए:

  • अंतरराष्ट्रीय सत्र (UK, जर्मनी, जापान, दुबई, स्पेन)
    इनमें प्रदेश को 89,000 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश अभिरुचि प्राप्त हुई।

  • राष्ट्रीय रोडशो (मुंबई, बेंगलुरु, नई दिल्ली, कोलकाता आदि)
    इनसे 2.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और लगभग 2 लाख रोजगार अवसरों का आधार बना।

  • क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन (RIC) – उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा आदि
    इन कार्यक्रमों से 2.65 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश और लगभग 3 लाख रोजगार अवसरों का सुदृढ़ मंच तैयार हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जोर केवल समझौतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निवेश को साकार रूप देने पर रहा। इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत विभिन्न कानूनों के 44 प्रावधानों को अपराधमुक्त कर दिया गया, जिससे उद्यमियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया सरल और उद्योग-अनुकूल हो सकी।

जीआईएस 2025 में मिला अभूतपूर्व भरोसा

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 में मध्यप्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 17 लाख रोजगार की संभावनाएँ बनीं। इनमें से 6.20 लाख करोड़ रुपये का निवेश अब वास्तविक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं में बदल चुका है—जो प्रदेश की नीतियों और शासन की विश्वसनीयता को दर्शाता है।

साथ ही, बीते दो वर्षों में:

  • 4,237 एकड़ भूमि उद्योगों को आवंटित

  • 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संभावित निवेश

  • 2.5 लाख रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त

विशेष औद्योगिक पार्क – नए विकास केंद्र

विशेष औद्योगिक परियोजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है:

  • धार का पीएम मित्र पार्क—वस्त्र उद्योग के लिए नई संभावनाओं का केंद्र

    • 2,158 एकड़ में विकसित

    • 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य

  • उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क—चिकित्सा उपकरण निर्माण में नई पहचान

  • मुरैना मेगा लेदर फुटवियर पार्क—फुटवियर और चमड़ा उद्योग के लिए बड़ा अवसर

  • मोहासा-बाबई (नर्मदापुरम)—नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण

    • दोनों चरणों में 1,050+ एकड़ भूमि अग्रणी कंपनियों को आवंटित

इन परियोजनाओं ने प्रदेश को वस्त्र, मेडिकल डिवाइस, फुटवियर और ग्रीन एनर्जी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से स्थापित किया है।

नीति सुधारों का प्रभाव

जीआईएस-2025 के दौरान राज्य सरकार ने 18 नई प्रगतिशील नीतियाँ जारी कीं, जिनमें शामिल हैं:

  • औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025

  • निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025

  • लॉजिस्टिक्स नीति 2025

इसके अलावा राज्य को ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ कार्यक्रम में सिल्वर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया। "समृद्ध मध्यप्रदेश @2047" दृष्टिपत्र का विमोचन और इन्वेस्ट एमपी पोर्टल का शुभारंभ प्रदेश की निवेश-उन्मुख रणनीति को और मजबूत बनाता है।

प्रदेश एक नई औद्योगिक दिशा में

इन सभी प्रयासों का सीधा प्रभाव यह है कि मध्यप्रदेश में अब सिर्फ निवेश प्रस्तावों की चर्चा नहीं, बल्कि वास्तविक उद्योगों की स्थापना तेज गति से हो रही है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं, निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और औद्योगिक गतिविधियाँ नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व प्रदेश को ऐसे दौर में लेकर जा रहा है जहाँ स्पष्ट दृष्टि, प्रशासनिक दक्षता और स्थिर नीतियाँ मिलकर मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।

Tags