बाल चित्रकार तेजल शर्मा प्रकृति के सौंदर्य को दे रही नई अभिव्यक्ति
Child painter Tejal Sharma is giving a new expression to the beauty of nature.
Mon, 23 Mar 2026
गोण्डा। ‘होनहार बिरवान के होत चिकने पात’—अवधी की यह कहावत नगर के फातिमा कॉलेज में कक्षा दो की छात्रा तेजल शर्मा पर पूरी तरह चरितार्थ होती है। आवास विकास कॉलोनी निवासी मनीष शर्मा की आठ वर्षीय पुत्री तेजल बचपन से ही कला के प्रति गहरी रुचि रखती हैं।
तेजल अपने आसपास के प्राकृतिक परिवेश—चिड़ियों, पशुओं और हरियाली—को अपनी कल्पना के रंगों से कागज़ पर उकेरती हैं। उनकी चित्रकारी में प्रकृति का सौंदर्य एक नए और आकर्षक रूप में नजर आता है, जो उनकी सृजनात्मक सोच और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
कम उम्र में ही तेजल ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन और रुचि हो, तो प्रतिभा खुद-ब-खुद निखरकर सामने आती है। पढ़ाई के साथ-साथ उनका सपना एक कुशल चित्रकार बनने का है, जिसके लिए वह निरंतर प्रयासरत हैं।
परिवार और विद्यालय का सहयोग उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में तेजल अपनी कला के माध्यम से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन करेंगी।
