वार्षिक समारोह में बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक

Children spread their talent in the annual function
 
;;[
हरदोई (अम्बरीष कुमार सक्सेना)।  सेंट थेरेसा स्कूल में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव “आरोहण”का भव्य आयोजन उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कैथोलिक डायसिस ऑफ लखनऊ के बिशप एवं मुख्य अतिथि डॉ. जेराल्ड जॉन मैथायस, इस्टेट मैनेजर फादर रोनाल्ड डिसूजा, स्कूल मैनेजर फादर लैंसी रेगो, प्रधानाचार्य फादर जॉन पॉल बारा और कोऑर्डिनेटर मानवेन्द्र सिंह चौहान द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। विशेष अतिथि के रूप में सण्डीला के सीओ संतोष कुमार सिंह की उपस्थिति समारोह की शोभा बढ़ा रही थी।

[[]

कार्यक्रम का शुभारंभ मनमोहक प्रार्थना नृत्य से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद मंचित प्रमुख नाट्य प्रस्तुति “आरोहण” में एक साधारण शुरुआत से सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणादायक यात्रा को भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया। संघर्ष, उम्मीद, मेहनत और दृढ़ता को दर्शाती यह प्रस्तुति दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ गई। नाटक के बीच प्रस्तुत पर्यावरण-संरक्षण और देशभक्ति से जुड़े अंशों को दर्शकों ने खड़े होकर सराहा।

l[p[

विद्यालय के विद्यार्थियों ने आधुनिक जीवन, युवा सोच और सामाजिक संवेदनाओं पर आधारित समकालीन नृत्य प्रस्तुत किए, जिनसे सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नृत्य, नाटक, कोरस गायन, वाद्य-संगीत और थीम-आधारित मंचन के माध्यम से छात्रों ने राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण जागरूकता, एकता, करुणा और मानवीय मूल्यों का सुंदर संदेश दिया।

p[p[

अतिथियों ने बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, मंच संचालन क्षमता और शिक्षकों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन की सराहना की।विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस सिस्टर निकिता ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “आरोहण केवल एक सांस्कृतिक मंच नहीं, बल्कि व्यक्तित्व-विकास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और मूल्य-आधारित शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहाँ हर बच्चा अपनी प्रतिभा के साथ नई ऊँचाइयों को छूता है।”

klppkl

समारोह के समापन पर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद अभिभावकों, पूर्व छात्रों और गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा इसे एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव बताया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मानवेन्द्र सिंह चौहान, रियाज अहमद, दीपक शुक्ला, मनोज मिश्रा, राजेश कुमार, श्रुति त्रिपाठी, रंजना सिंह, अंकिता गुप्ता, प्रतिमा सिंह, तसनीम फातिमा, मनीष त्रिपाठी, रुचिरा द्विवेदी, श्रुति मिश्रा, अमन, एग्निस और अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

p[]p

Tags