दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति नहीं, समानुभूति की आवश्यकता” नेशनल पेटालिस्ट्स डे पर दिया गया प्रेरक संदेश

"Children with disabilities need empathy, not sympathy" — An inspiring message given on National Petalists Day.
 
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लखनऊ। नेशनल पेटालिस्ट्स डे के अवसर पर क्राफ्टिज़न फाउंडेशन, बंगलुरू के तत्वावधान में चेतना संस्थान, अलीगंज में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा — “दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति नहीं, बल्कि समानुभूति की आवश्यकता है”, जिससे समाज में समावेशी सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से जुड़े कुल 11 विशेष बच्चों के संस्थानों ने सहभागिता की। इनमें चेतना संस्थान, रेनबो सोसाइटी, आशा ज्योति के साथ अयोध्या, कानपुर, रायबरेली सहित अन्य जनपदों के संस्थान प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत स्वयं निर्मित गुलाब के फूलों से किया गया, जो बच्चों की रचनात्मकता का प्रतीक रहा।

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इस आयोजन में जेएलसी क्लब की अध्यक्षा मनीषा जैन का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश के डिप्टी डायरेक्टर अमित राय रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में मानवाधिकार जनसेवा परिषद के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा, सीनियर अधिवक्ता रणजीत सिंह बघेल, क्राफ्टिज़न फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर चिरंजीवी एवं नीरज उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान चेतना संस्थान के दिव्यांग बच्चों द्वारा सूरजमुखी फूल की आकर्षक आकृति तैयार की गई, जिसने सभी का मन मोह लिया। यह प्रस्तुति बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सृजनशीलता का जीवंत उदाहरण बनी।

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सभी प्रतिभागी संस्थानों के प्रतिनिधियों को स्व-निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान रूप कुमार शर्मा, रेखा शर्मा एवं क्राफ्टिज़न फाउंडेशन के नीरज के कर कमलों से प्रदान किया गया।कार्यक्रम का सफल संचालन चेतना संस्थान के सचिव डी. पी. सिंह, वोकेशनल इंचार्ज निरूपमा सिंह, प्रियंका तिवारी एवं संस्थान के समस्त स्टाफ के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम ने समाज को यह संदेश दिया कि दिव्यांग बच्चे दया नहीं, बल्कि समान अवसर और समझ की अपेक्षा रखते हैं।

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