कुम्हरावां इंटर कॉलेज में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी संपन्न, 146 मॉडलों से विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
111 कार्यकारी और 35 स्थिर मॉडलों के जरिए ग्रामीण विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विज्ञान, गणित और तकनीक पर आधारित नवाचार
डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय ने किया उद्घाटन, मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बढ़ाया बाल वैज्ञानिकों का उत्साह
लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026। बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित कुम्हरावां इंटर कॉलेज में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का भव्य आयोजन किया गया। “सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार” विषय पर आधारित इस प्रदर्शनी में ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में कुल 146 मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें 111 कार्यकारी और 35 स्थिर मॉडल शामिल रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक, लखनऊ देवेंद्र कुमार पांडेय ने किया। मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी, लखनऊ मंडल एवं विद्यालय के प्राधिकृत नियंत्रक डॉ. दिनेश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने अतिथियों का तिलक लगाकर और पुष्प भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया। मुख्य अतिथि ने फीता काटकर प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया।
146 मॉडलों में दिखी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता
प्रदर्शनी के दौरान अतिथियों ने विभिन्न कक्षों में जाकर विद्यार्थियों के मॉडलों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों से मॉडलों की कार्यप्रणाली, उनमें इस्तेमाल किए गए वैज्ञानिक सिद्धांतों, उपयोगिता और व्यावहारिक संभावनाओं के बारे में सवाल किए। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों और मॉडलों की कार्यप्रणाली को समझाया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, तकनीक और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए। प्लास्टिक एवं अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग, कचरे से विद्युत उत्पादन, स्वदेशी कृषि पद्धतियों, हाइड्रोपोनिक कृषि तथा गणितीय मॉडलिंग के अंतर्गत ऊंचाई-दूरी और ज्यामितीय अवधारणाओं पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और कृषि जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने का प्रयास किया।
सीमित संसाधनों में ग्रामीण प्रतिभाओं का नवाचार
ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विद्यालय के विद्यार्थियों ने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वैज्ञानिक उपकरणों और मॉडल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामग्री स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद शिक्षकों के मार्गदर्शन, विद्यालय परिवार के सहयोग और विद्यार्थियों की मेहनत ने इन चुनौतियों को रचनात्मक अवसरों में बदल दिया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार के लिए महंगे उपकरणों के साथ-साथ कल्पनाशीलता, प्रयोग करने की इच्छा और उचित मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण हैं।
अतिथियों ने बढ़ाया बाल वैज्ञानिकों का उत्साह
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर आयोजित ऐसी प्रदर्शनियां बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान की क्षमता और नवाचार की प्रवृत्ति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों और मॉडलों को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि देवेंद्र कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनके मॉडलों की उपयोगिता और वास्तविक जीवन में उनके संभावित प्रयोगों को समझा तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयार हुए मॉडल
विज्ञान एवं गणित शिक्षक पवन कुमार तिवारी, राजन कुमार श्रीवास्तव और रोहित कुमार के निर्देशन में विद्यार्थियों ने कार्यकारी एवं स्थिर मॉडलों का निर्माण किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवेंद्र कुमार सिंह ने आयोजन की तैयारियों, मॉडल निर्माण, प्रदर्शनी व्यवस्था और विद्यार्थियों के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदर्शनी में मॉडलों के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त शिक्षाविद सीताकांत बाजपेई, शिवेंद्र कुमार और राजन कुमार शामिल रहे। निर्णायकों ने वैज्ञानिक अवधारणा, मौलिकता, कार्यप्रणाली, प्रस्तुतीकरण, उपयोगिता और नवाचार जैसे मानकों पर मॉडलों का आकलन किया। विद्यालय परिवार की ओर से निर्णायक मंडल के सदस्यों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को भी स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।

शिक्षक-कर्मचारियों ने आयोजन में किया सहयोग
इस अवसर पर अभिषेक सिंह चौहान, परमहंस, शेर हैदर, अजय कुमार यादव, सत्य कुमार, बृजेश कुमार, विजय कुमार मिश्रा, सुमन, अमित यादव, मंजू मिश्रा, अल्पना बाजपेई और निशा मिश्रा सहित विद्यालय के कार्यालयीय स्टाफ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
प्रधानाचार्य शिवेंद्र कुमार सिंह ने अतिथियों, निर्णायकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें प्रश्न पूछने, प्रयोग करने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने के अवसर प्रदान करना है।

बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी ने संदेश दिया कि संसाधनों की कमी प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी विज्ञान, गणित और तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार प्रस्तुत कर सकते हैं। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने के साथ हुआ।



