Chinese Manjha Ban: लखनऊ मंडल के माध्यमिक स्कूलों में चलेगा चाइनीज व सिंथेटिक मांझे के खिलाफ जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दिलाई जाएगी शपथ
Chinese Manjha Awareness Campaign Lucknow Schools 2026: पतंगबाजी के दौरान सिंथेटिक, नायलॉन, सीसा-लेपित और प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से इंसानों तथा बेजुबान पक्षियों को होने वाले जानलेवा खतरों को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के निर्देश पर लखनऊ मंडल के सभी छह जिलों के माध्यमिक विद्यालयों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) लखनऊ मंडल डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, उन्नाव और रायबरेली के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को स्कूलों में इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के आदेश जारी किए हैं।
मुख्य उद्देश्य: दुर्घटनाओं पर लगे पूर्णविराम
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी (लखनऊ मंडल) डॉ. दिनेश कुमार ने बताया:नायलॉन, सीसा-लेपित और चाइनीज मांझा न केवल इंसानों के लिए जानलेवा साबित होता है बल्कि पर्यावरण और पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में इससे होने वाली दर्दनाक दुर्घटनाओं पर पूर्णविराम लगाना और विद्यार्थियों के माध्यम से परिवारों तक यह संदेश पहुंचाना है।"
विद्यालयों में आयोजित होंगी ये प्रमुख गतिविधियां
अभियान के तहत लखनऊ मंडल के समस्त माध्यमिक स्कूलों में निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
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प्रार्थना सभा में मार्गदर्शन: दैनिक मॉर्निंग असेंबली में छात्रों को चाइनीज और सिंथेटिक मांझे के जानलेवा दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।
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जागरूकता शपथ: विद्यार्थियों को स्वयं ऐसे मांझे का उपयोग न करने तथा अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके प्रति सचेत करने का संकल्प दिलाया जाएगा।
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रचनात्मक प्रतियोगिताएं: स्कूलों में मांझा-मुक्ति संदेश पर आधारित पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
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अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM): बैठकों के दौरान अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे बच्चों को केवल पारंपरिक व सुरक्षित सूती धागा (सादा मांझा) ही खरीदकर दें।
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सूचना पट्ट पर प्रदर्शन: विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर सिंथेटिक धागों से होने वाले कानूनी दंड और शारीरिक नुकसान से जुड़े दिशा-निर्देश चस्पा किए जाएंगे।
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पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा: सुरक्षित, बायोडिग्रेडेबल और पारंपरिक सूती धागे के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

