ला मार्टिनियर कॉलेज में सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल, विद्यार्थियों ने सीखे आग और आपदा से बचाव के तरीके

16 विद्यार्थियों ने किया कौशल का प्रदर्शन, केमिकल फायर बुझाने से लेकर घायलों को सुरक्षित पहुंचाने तक का दिया प्रशिक्षण

 
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लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026। सिविल डिफेंस लखनऊ कोर की ओर से चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में ला मार्टिनियर कॉलेज (बॉयज) में फायर सेफ्टी एवं आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को आग लगने, भूकंप, युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों और घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य ग्रे डोमिनिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्क रहने, सही निर्णय लेने और अपनी सुरक्षा के साथ दूसरों की मदद करने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण के बाद 16 विद्यार्थियों ने सीखे गए कौशल का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया।

आग बुझाने की तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण सत्र में सामान्य आग, केमिकल से लगी आग और गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय बताए गए। सुमित साहू ने केमिकल फायर से बचाव का प्रदर्शन किया, जबकि रजत द्विवेदी ने सामान्य आग बुझाने की व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी। स्टाफ ऑफिसर राजेंद्र श्रीवास्तव ने गैस सिलेंडर में लगी आग को नियंत्रित करने का जीवंत प्रदर्शन किया।इस दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से स्थिति का आकलन करना और प्रशिक्षित व्यक्तियों के निर्देशों का पालन करना कितना जरूरी है।]

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रेड और ग्रीन अलर्ट सायरन की दी जानकारी

चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए रेड अलर्ट और ग्रीन अलर्ट सायरन के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि रेड अलर्ट के दौरान निर्धारित सुरक्षित स्थान या शेल्टर में पहुंचना और निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। युद्ध या अन्य गंभीर आपात स्थिति में बंकर अथवा निर्धारित शेल्टर में सुरक्षित तरीके से आश्रय लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

इसके साथ ही भूकंप के दौरान बचाव के उपायों की जानकारी दी गई, ताकि विद्यार्थी ऐसी परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सावधानियां अपना सकें।

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बिना उपकरण के स्ट्रेचर बनाकर किया प्रदर्शन

मॉक ड्रिल के दौरान प्राथमिक चिकित्सा और घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों ने बिना किसी विशेष उपकरण के दो अलग-अलग प्रकार के अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किए और घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक ले जाने का प्रदर्शन किया।

छात्रों ने कंबल की मदद से केमिकल की आग बुझाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें आपात परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने और जरूरतमंदों की सहायता करने के बारे में जानकारी दी गई।

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प्रधानाचार्य ने की पहल की सराहना

कॉलेज के प्रधानाचार्य ग्रे डोमिनिक ने सिविल डिफेंस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, वार्डनों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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सिविल डिफेंस अधिकारी और विद्यार्थी रहे मौजूद

कार्यक्रम में डिप्टी चीफ वार्डन गुरुप्रीत सिंह सेठी, स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन ऋतुराज रस्तोगी, हजरतगंज के डिप्टी डिविजनल वार्डन आशीष कपूर, सुनील कुमार करमचंदानी, यज्ञमणि दीक्षित, हेमंत कौशल, आजाद हफीज, ठाकुर प्रसाद, रोहित जायसवाल, नफीस अहमद, सुनील शुक्ला, माजिद अली, दिलशाद, मुशीर अहमद, रामगोपाल, नियाज सिद्दीकी, रजत, सुभाष चंद्रा, रतन लाल, संदीप, शिवम, अभिजीत कुमार, गुफरान, रजत दीक्षित और ज्योति खरे सहित सिविल डिफेंस के अधिकारी एवं वार्डन उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों में कक्षा 11 के बी. माइकल अलेक्जेंडर और अभिनव अवस्थी तथा कक्षा 9 के शौर्य विद्यार्थी, सक्षम सिंह शाही, शाश्वत विसेन, देवांश कुमार, अर्णव मित्तल, अब्दुल अरमान, आयुष भारती और प्रणव सहित अन्य छात्र शामिल रहे।

अमरनाथ मिश्र
चीफ वार्डन, सिविल डिफेंस लखनऊ कोर

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