नागरिक सुरक्षा: आपदा प्रबंधन में 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभाने वाले वार्डेनों को मिले प्रमाण-पत्र

Civil Defence: Wardens Serving as 'First Responders' in Disaster Management Receive Certificates
 
औद्योगिक आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र उन स्वयंसेवकों को प्रदान किए गए जिन्होंने राज्यस्तरीय 'केन्द्रीय नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान' (BKT) में आयोजित "प्लानिंग फॉर इंडस्ट्रियल डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस कोर्स" (औद्योगिक आपदा तैयारी नियोजन पाठ्यक्रम) को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और आपदाओं से निपटने के लिए आयोजित किया गया था।  बाह्य सहायता आने से पहले सिविल डिफेंस की भूमिका अहम प्रमाण-पत्र वितरण के मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ सहायक उप नियंत्रक मनोज वर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा:  "किसी भी आपदा के समय, सरकारी या बाहरी सहायता पहुँचने से पहले का समय सबसे कीमती होता है। ऐसे में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' के रूप में जीवन बचाने का कार्य करते हैं। प्रत्येक स्वयंसेवक को तकनीक और बचाव कार्यों में खुद को अपडेट रखने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण लेते रहना अनिवार्य है।"  कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और वार्डेन मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:  डिविजनल वार्डेन: अरविन्द कुमार मिश्रा, दिनेश मोहन माथुर।  डिप्टी डिविजनल वार्डेन: रामगोपाल सिंह, डॉ. पंकज कुमार।  अन्य पदाधिकारी: जगदीश यादव, स्टाफ ऑफिसर कमलेश सिंह, आईसीओ सईद अख्तर, पोस्ट वार्डेन मनोज तिवारी।  कार्यक्रम में अमर कुमार, अनंत सिंह तोमर, संदीप कुमार, ज्योति खरे, मुन्नी देवी मिश्रा, दीप नारायण त्रिपाठी, शिवम् कुमार कश्यप, सैय्यद तुफैल अब्बास, सरोज शर्मा, सौरभ अग्रवाल, अमिताभ राय, पंकज पन्त और अजय गुप्ता सहित लखनऊ के विभिन्न प्रखंडों के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
लखनऊ | 4 अप्रैल, 2026: किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (प्रथम उत्तरदाता) के रूप में नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी क्रम में, आज लखनऊ के छतर मंजिल स्थित नागरिक सुरक्षा नियंत्रण केन्द्र पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों के स्वयंसेवकों को उनके प्रशिक्षण की सफलता के उपलक्ष्य में प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

औद्योगिक आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण

प्रमाण-पत्र उन स्वयंसेवकों को प्रदान किए गए जिन्होंने राज्यस्तरीय 'केन्द्रीय नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान' (BKT) में आयोजित "प्लानिंग फॉर इंडस्ट्रियल डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस कोर्स" (औद्योगिक आपदा तैयारी नियोजन पाठ्यक्रम) को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और आपदाओं से निपटने के लिए आयोजित किया गया था।

बाह्य सहायता आने से पहले सिविल डिफेंस की भूमिका अहम

प्रमाण-पत्र वितरण के मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ सहायक उप नियंत्रक मनोज वर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा किसी भी आपदा के समय, सरकारी या बाहरी सहायता पहुँचने से पहले का समय सबसे कीमती होता है। ऐसे में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' के रूप में जीवन बचाने का कार्य करते हैं। प्रत्येक स्वयंसेवक को तकनीक और बचाव कार्यों में खुद को अपडेट रखने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण लेते रहना अनिवार्य है।"

कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति

इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और वार्डेन मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • डिविजनल वार्डेन: अरविन्द कुमार मिश्रा, दिनेश मोहन माथुर।

  • डिप्टी डिविजनल वार्डेन: रामगोपाल सिंह, डॉ. पंकज कुमार।

  • अन्य पदाधिकारी: जगदीश यादव, स्टाफ ऑफिसर कमलेश सिंह, आईसीओ सईद अख्तर, पोस्ट वार्डेन मनोज तिवारी।

कार्यक्रम में अमर कुमार, अनंत सिंह तोमर, संदीप कुमार, ज्योति खरे, मुन्नी देवी मिश्रा, दीप नारायण त्रिपाठी, शिवम् कुमार कश्यप, सैय्यद तुफैल अब्बास, सरोज शर्मा, सौरभ अग्रवाल, अमिताभ राय, पंकज पन्त और अजय गुप्ता सहित लखनऊ के विभिन्न प्रखंडों के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

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