CLAT 2026: 12वीं के साथ गीताली गुप्ता ने कैसे किया देश टॉप? लखनऊ में साझा की अपनी 'सफलता की कुंजी', 400 छात्रों को मिला गुरुमंत्र

CLAT 2026: How did Geetali Gupta top the country while in Class 12? She shared her 'key to success' in Lucknow, and 400 students received her valuable guidance.
 
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लखनऊ, 08 जून 2026:

राजधानी लखनऊ में आज कानून की शिक्षा और क्लैट (CLAT) परीक्षा की तैयारियों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। अवसर था टॉपरैंकर्स (Toprankers) लखनऊ द्वारा आयोजित एक विशेष 'टॉपर्स टॉक' सेमिनार का, जिसमें CLAT 2026 की ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 होल्डर गीताली गुप्ता मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं।

इस सेमिनार का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि देश में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली गीताली ने खुद टॉपरैंकर्स के संरक्षण में रहकर ही अपनी इस ऐतिहासिक सफलता की स्क्रिप्ट लिखी है। इस भव्य मार्गदर्शन सत्र में विभिन्न विधि प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लगभग 400 छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि योगेन्द्र चौहान (एडीशनल डिस्ट्रिक्ट जज, हरदोई), राष्ट्रीय टॉपर गीताली गुप्ता और टॉपरैंकर्स लखनऊ के सेंटर डायरेक्टर विशाल शर्मा द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

निरंतर परिश्रम और अनुशासन ही सफलता का आधार: एडीशनल डिस्ट्रिक्ट जज

छात्रों को प्रेरित करते हुए मुख्य अतिथि एडीशनल डिस्ट्रिक्ट जज योगेन्द्र चौहान ने कहा कि किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए निरंतर परिश्रम, कड़ा अनुशासन और एक सही मार्गदर्शन का होना अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं को विधि (Law) के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाने और देश की न्याय प्रणाली में अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

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बोर्ड परीक्षा और क्लैट को एक साथ कैसे करें मैनेज? गीताली की स्ट्रेटेजी

सेमिनार का सबसे मुख्य आकर्षण गीताली गुप्ता के साथ हुआ सीधा संवाद रहा। गीताली ने बिना किसी हिचकिचाहट के छात्रों के हर उलझन भरे सवाल का जवाब दिया और अपनी रणनीति साझा की:

  • 12वीं के साथ संतुलन: गीताली ने बताया कि उन्होंने कैसे अपनी 12वीं बोर्ड की पढ़ाई के भारी दबाव के बीच क्लैट जैसी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक के लिए समय निकाला और दोनों में संतुलन (Balance) बनाया।

  • सेक्शन-वाइज तैयारी: उन्होंने परीक्षा हॉल में प्रश्नों को हल करने की अपनी मनोवैज्ञानिक रणनीति और अलग-अलग सेक्शन्स (लीगल, लॉजिकल, इंग्लिश) में बेहतर स्कोर करने के तरीके समझाए।

  • सफलता के 3 स्तंभ: गीताली ने विशेष रूप से जनरल नॉलेज/करेंट अफेयर्स की गहन तैयारी, नियमित रूप से मॉक टेस्ट (Mock Tests) देना और सटीक समय प्रबंधन (Time Management) को अपनी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया।

डिप्रेशन और असफलता को हराकर NLSIU बेंगलुरु पहुंचने की दो प्रेरक कहानियां

इस सेमिनार में गीताली के अलावा क्लैट 2026 में शानदार रैंक हासिल करने वाले अन्य छात्रों ने भी अपनी ऐसी कहानियां साझा कीं, जिन्होंने वहां मौजूद हर छात्र की आंखों में भरोसा जगा दिया:

  • 2700 रैंक से सीधे AIR 78 का सफर: लखनऊ के शौर्यवर्धन त्रिवेदी ने बताया कि क्लैट 2025 में उनकी रैंक 2700 से भी पीछे थी। इस भारी निराशा के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। टॉपरैंकर्स के साथ मिलकर एक साल तक पूरी निष्ठा से दोबारा तैयारी की और क्लैट 2026 में सीधे AIR 78 हासिल कर देश के सबसे प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु में अपना दाखिला पक्का किया।

  • डिप्रेशन को हराकर चुनी नई राह: वहीं अपूर्व श्री की कहानी भी बेहद भावुक करने वाली रही। वे एक समय व्यक्तिगत चुनौतियों और डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रहे थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की तैयारी को बीच में छोड़कर अपनी अंतरात्मा की सुनी और कानून के क्षेत्र को चुना। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने भी NLSIU बेंगलुरु में प्रवेश हासिल कर यह साबित किया कि यदि रुचि के अनुसार करियर चुना जाए, तो सफलता निश्चित है।

हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा क्रैक कराना नहीं, भविष्य के वकील बनाना है

संस्थान के सेंटर डायरेक्टर विशाल शर्मा ने इस मौके पर कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों को केवल एक परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के एक जिम्मेदार और सफल विधि पेशेवर (Legal Professional) के रूप में तराशना है। उन्होंने रेखांकत किया कि संस्थान में विभिन्न नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) के पूर्व छात्रों की एक बेहद अनुभवी टीम बच्चों को मेंटरशिप प्रदान करती है।

इस दौरान अवनीश मिश्रा (NLU विशाखापट्टनम) और इस्तुवी सोनकर (NLSIU बेंगलुरु एवं सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे) सहित फैकल्टी सदस्यों ने भी छात्रों के सिलेबस, लीगल एप्टीट्यूड और करियर के अवसरों से जुड़े तकनीकी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए।

सेमिनार के अंत में एक ओपन क्यूएंडए (Q&A) सेशन हुआ, जिसमें छात्रों और उनके माता-पिता ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं को दूर किया। इस पूरे आयोजन ने लखनऊ के लॉ एस्पिरेंट्स को सही दिशा में आगे बढ़ने का एक नया आत्मविश्वास और मोटिवेशन प्रदान किया है।

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