सीएम योगी का विलेज मॉल मॉडल गांवों में अब शहर जैसी सुविधाएं
मपुर बना मिसाल, पूरे यूपी में होगा विस्तार : उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया ‘विलेज मॉल’ मॉडल अब राज्यभर में एक आदर्श के रूप में उभर रहा है। रामपुर जनपद की ग्राम पंचायत धमौरा, विकास खंड मिलक में स्थापित प्रदेश का पहला ग्रामीण प्रगति मॉल यह साबित कर चुका है
कि ईमानदार शासन और दूरदर्शिता के साथ गांव की गलियों से भी विकास की ऊंची इमारतें खड़ी की जा सकती हैं। इसी कड़ी में रामपुर की तहसील बिलासपुर की मनकरा ग्राम पंचायत में दूसरा मॉल भी तेजी से बन रहा है, जो अब आधे से अधिक तैयार हो चुका है। यहां मैकडॉनल्ड्स जैसे बड़े ब्रांड्स के आउटलेट खोलने की भी तैयारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक बाजार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जनता की जमीन, जनता का मॉल
2017 से पहले सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण आम बात थी। योगी सरकार ने इन जमीनों को मुक्त कराकर ग्रामीणों के लिए रोजगार, व्यापार और सम्मान का नया रास्ता खोला। मुख्य विकास अधिकारी नंद किशोर कलाल के अनुसार, धमौरा में बना पहला ग्रामीण मॉल जनता के पैसों से निर्मित हुआ और इसमें सरकारी कोष का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ।
प्रगति मॉल — आत्मनिर्भरता की ओर कदम
लगभग 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मॉल में 43 दुकानें हैं, जिनका आवंटन स्थानीय लोगों को किया गया है। इससे न केवल सैकड़ों परिवारों को रोज़गार मिला है, बल्कि ग्राम पंचायत को हर महीने करीब 30,000 रुपये का किराया भी मिल रहा है। निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि दुकानों के आरक्षित आवंटन के माध्यम से जुटाई गई।
महिलाओं और युवाओं के लिए बड़ा अवसर
‘विलेज मॉल’ परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे महिलाओं, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पादों को स्थानीय स्तर पर सीधा बाजार मिलेगा। अब गांवों में भी मॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत के सपने की ओर
यह मॉडल न केवल अतिक्रमण हटाने का उदाहरण है, बल्कि जनता की भागीदारी से विकास की मजबूत नींव रखने का प्रतीक भी है। मनकरा ग्राम पंचायत में बन रहा दूसरा मॉल 3 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है, जिसमें 28 दुकानें पहले ही बन चुकी हैं और इन्हें स्वरोजगार के अवसरों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
सामाजिक न्याय का भी ध्यान
परियोजना में आरक्षण व्यवस्था का पूर्ण पालन किया जा रहा है, जिससे सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित हों। मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि रामपुर का यह मॉडल अब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा बन रहा है और निकट भविष्य में गांवों में भी शहर जैसी सुविधाएं आम होंगी।

