सीएमओ ने किया सीएचसी शिवपुरा का निरीक्षण, 1259 गर्भवती महिलाओं की हुई प्रसवपूर्व जांच

CMO inspected CHC Shivpura, 1259 pregnant women underwent prenatal check-up
 
CMO inspected CHC Shivpura, 1259 pregnant women underwent prenatal check-up
बलरामपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा में विशेष मातृ स्वास्थ्य सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने केंद्र का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
जनपद भर में आयोजित PMSMA सत्रों के दौरान कुल 1259 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई, जिनमें से 131 महिलाएँ उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) श्रेणी में चिन्हित हुईं। आज के कार्यक्रम का आयोजन 2 जिला अस्पतालों, 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया।

गर्भवती महिलाओं को मिल रही सुविधाओं का किया मूल्यांकन

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने पंजीकरण काउंटर, जांच कक्ष, परामर्श कक्ष और दवा वितरण कक्ष का भ्रमण किया। उन्होंने हीमोग्लोबिन जांच, ब्लड ग्रुप टेस्ट, वजन मापन, टीकाकरण तथा आयरन-फोलिक एसिड की उपलब्धता जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। डॉ. रस्तोगी ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। उन्होंने महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल, पोषण और नियमित जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया।
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HRP मामलों पर विशेष निगरानी के निर्देश

सीएमओ ने चिकित्सा टीम को निर्देशित किया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
उन्होंने कहा कि HRP मामलों में जरा सी लापरवाही मातृ तथा शिशु स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकती है, इसलिए इनके इलाज, रेफरल और फॉलो-अप में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
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रजिस्टरों और अभिलेखों की की गई जांच

निरीक्षण के दौरान डॉ. रस्तोगी ने PMSMA रिकॉर्ड, टीकाकरण रजिस्टर और दवा स्टॉक रजिस्टर सहित सभी अभिलेखों का अवलोकन किया।
उन्होंने निर्देश दिया कि रजिस्टर समय पर अपडेट किए जाएं, ताकि योजनाओं की प्रगति का सही आकलन किया जा सके और रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बनी रहे।
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स्टाफ के कार्य-विभाजन पर दिए निर्देश

सीएमओ ने डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और पैरामेडिकल स्टाफ से उनके कार्यों की जानकारी ली और स्पष्ट कार्य-विभाजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने लाभार्थियों के प्रति सहयोगी व्यवहार, समय पर उपस्थिति और टीमवर्क को आवश्यक बताया।
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सुरक्षित मातृत्व अभियान का प्रमुख लक्ष्य—मातृ मृत्यु दर में कमी

डॉ. रस्तोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य हर गर्भवती महिला को निःशुल्क, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना है, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से संवेदनशीलता व समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि प्रत्येक लाभार्थी तक योजनाओं का सही लाभ पहुंच सके।
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निरीक्षण के दौरान डॉ. रजत शुक्ला (अधीक्षक, सीएचसी शिवपुरा), डीएमओ राजेश पाण्डेय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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