छाया ग्राम स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता दिवस पर सीएमओ ने किया निरीक्षण, सेवाओं की गुणवत्ता पर दिया जोर
Sat, 15 Nov 2025
बलरामपुर। विकास खंड उतरौला के पंचायत भवन रमवापुर में आयोजित छाया ग्राम स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता दिवस कार्यक्रम का शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने स्थलीय निरीक्षण किया। सीएमओ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, टीकाकरण की उपलब्धता और लाभार्थियों की भागीदारी की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान एएनएम शीला यादव, आशा कार्यकर्ता सीमा, आंगनवाड़ी कार्यकत्री नीरू जायसवाल, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला के अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश उपस्थित रहे। सीएमओ ने सभी गतिविधियों की प्रगति और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया।
ग्रामीणों को एक स्थान पर उपलब्ध हो सभी प्रमुख सेवाएं
निरीक्षण के दौरान डॉ. रस्तोगी ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और स्वच्छता से जुड़ी सभी सेवाओं को गांव स्तर पर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण जनता को समयबद्ध और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
कार्यक्रम के समय तक एएनएम शीला यादव द्वारा 3 गर्भवती महिलाओं और 12 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका था। इसमें गर्भवती महिलाओं की जांच, टीडी टीकाकरण, बच्चों के नियमित टीके, वजन मापन और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सेवाएं शामिल थीं।
सीएमओ ने टीकाकरण कार्य की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि शेष सभी पात्र लाभार्थियों को 100% कवरेज सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य टीम को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
सीएमओ ने स्वास्थ्य टीम को निम्न निर्देश दिए—
गर्भवती महिलाओं की समय पर ANC जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
आयरन-फोलिक एसिड तथा पोषण परामर्श की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बच्चों के पूर्ण टीकाकरण में किसी प्रकार की देरी न हो, और कार्य माइक्रो-प्लान के अनुसार किया जाए।
आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण सेवाओं और पूरक पोषण कार्यक्रम की निगरानी मजबूत की जाए।
ग्राम स्तर पर स्वच्छता, साफ पानी, हाथ धोने और रोगों से बचाव पर नियमित जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने लाभार्थियों से बातचीत कर सेवाओं की उपलब्धता और उनकी संतुष्टि के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि छाया ग्राम स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता दिवस ग्रामीण क्षेत्रों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसे प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना आवश्यक है।

