Cochin Shipyard Share: सरकारी कंपनी के शेयर सस्ते में खरीदने का सुनहरा मौका, जल्द आ रहा है सरकार का तगड़ा ऑफर

Cochin Shipyard Shares: A golden opportunity to buy shares of the state-owned company at a low price; a major offer from the government is coming soon.
 
Cochin Shipyard Share: सरकारी कंपनी के शेयर सस्ते में खरीदने का सुनहरा मौका, जल्द आ रहा है सरकार का तगड़ा ऑफर

दि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और किसी मजबूत सरकारी कंपनी (PSU Stock) की तलाश में हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार जल्द ही कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) के शेयरों के लिए 'ऑफर फॉर सेल' यानी ओएफएस (OFS) लाने की तैयारी कर रही है।

इस विनिवेश योजना के तहत सरकार कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेगी। रिटेल निवेशकों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इन शेयरों को मौजूदा मार्केट प्राइस से करीब 6 से 8 फीसदी तक के तगड़े डिस्काउंट पर पेश कर सकती है।

खबर के बाद शेयर बाजार में दिखा एक्शन

जैसे ही कोचीन शिपयार्ड में सरकार द्वारा हिस्सेदारी बेचने की खबर बाजार में आई, शुरुआत में स्टॉक पर थोड़ा दबाव (बिकवाली) दिखा। हालांकि, कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स के दम पर शेयर ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी की। कारोबार के आखिरी घंटों में यह स्टॉक 1.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,480.60 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। निवेशकों के लिए क्यों है मौका? प्रमोटर्स (यहाँ भारत सरकार) द्वारा हिस्सेदारी बेचने का OFS एक बेहद पारदर्शी जरिया है। मौजूदा भाव से 6-8% की छूट मिलने के कारण लंबी अवधि के निवेशक इस शेयर को कम कीमत पर अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।

विनिवेश लक्ष्य: सरकारी खजाने में आए ₹16,000 करोड़

वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में केंद्र सरकार विनिवेश (Disinvestment) और एसेट मोनेटाइजेशन के मोर्चे पर काफी आक्रामक नजर आ रही है:

  • सालाना टारगेट: सरकार ने इस साल कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

  • अब तक की कमाई: अलग-अलग सरकारी कंपनियों में OFS के जरिए अब तक 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है।

हाल ही में इन कंपनियों में बेची हिस्सेदारी

हाल ही में सरकार ने जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) में अपनी 5% हिस्सेदारी बेचकर करीब 3,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला के मुताबिक, इस ऑफर को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। इसके अलावा सरकार ने अन्य कंपनियों से भी फंड जुटाया है:

कंपनी का नाम जुटाई गई रकम (करोड़ रुपये में)
कोल इंडिया (Coal India) ₹5,542 करोड़
एनएचपीसी (NHPC) ₹4,357 करोड़
सेंट्रल बैंक (Central Bank) ₹2,266 करोड़
एनएलसी इंडिया (NLC India) ₹1,223 करोड़

ग्लोबल संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में रौनक

22 जून को भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा तेजी का माहौल रहा। अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित अंतरिम समझौते की खबरों ने वैश्विक और घरेलू सेंटिमेंट्स को काफी मजबूत किया। इस तेजी के दम पर निफ्टी (Nifty 50) 0.51 प्रतिशत (120 अंक) की बढ़त के साथ 24,134 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स (Sensex) 0.54 प्रतिशत (419 अंक) उछलकर 77,217 के आंकड़े पर पहुंच गया। बैंकिंग सेक्टर में आई खरीदारी की वजह से बैंक निफ्टी भी हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा

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